यूपी की शिक्षक भर्ती में सामने आया ऐसा सच कि आवेदक भी हैरान

परिषदीय विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती में बड़ा घोटाला सामने आया है। परीक्षार्थियों को जैसे-जैसे स्कैन कॉपी मिल रही है, गड़बड़ियों के नए-नए कारनामे उजागर हो रहे हैं। परीक्षा नियामक कार्यालय में एक साथ 39 परीक्षार्थियों की स्कैन कापियां दिखाईं गईं। परीक्षार्थियों का आरोप है कि उनकी कॉपी में लिखे उत्तर को बदल दिया गया है। पृष्ठ भी गायब करने की बात कही गई है। वहीं एक दूसरे परीक्षार्थी की कॉपी में पहले से लिखे उत्तर को ही गलत कर दिया गया है।
परीक्षार्थियों ने बताया कि उनके पास रखी कार्बन कॉपी और परीक्षा नियामक से मिली स्कैन कॉपी में कई बदलाव हैं। उन्होंने इस सब गड़बड़ियों के चलते पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही स्कैन कापियों को पूरे साक्ष्य के साथ शनिवार को शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी की जांच कर रही समिति के अध्यक्ष गन्ना सचिव संजय भूस रेड्डी को सौंपने का निर्णय लिया है। बता दें कि इसके पहले हाईकोर्ट में परीक्षार्थी सोनिका देवी के मामले की सुनवाई के दौरान कॉपी बदले जाने की पुष्टि हुई थी। इस दौरान तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक डॉ. सुत्ता सिंह ने इस गलती को स्वीकारा भी था।
39 परीक्षार्थियों को 68500 शिक्षक भर्ती की स्कैन कॉपी दी गई। इसमें फिर से बड़ी संख्या में अंकों की खामियां मिलीं हैं। किसी को परिणाम में 22 तो कॉपी में 75 अंक मिले, तो किसी को कॉपी में 74 तो परिणाम में 19 अंक। इस प्रकार की गड़बड़ी अधिकांश कॉपियों में देखने को मिली। प्रतिभागियों ने तय किया है कि ये स्कैन कॉपियां शिक्षक भर्ती में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही समिति के सामने रखी जाएंगी। इसके अलावा उनकी शिकायत थी कि कटिंग और ओवरराइटिंग पर कुछ अभ्यर्थियों को अंक मिले हैं, जबकि उन्हें कोई अंक नहीं दिए गए।
सचिव परीक्षा नियामक की ओर से जारी स्कैन कॉपी में शिखा यादव रोल नंबर 59600401908 को रिजल्ट में 22 तो स्कैन कॉपी में 75 अंक मिले हैं। अभिषेक वर्मा रोल नंबर 28280502751 को रिजल्ट में 60, जबकि स्कैन कॉपी में 67 अंक मिले हैं, इनके सात प्रश्नों के अंक नहीं जोड़े गए। आराधना वर्मा रोल नंबर 59590200569 को रिजल्ट में 19 अंक जबकि स्कैन कॉपी में 74 अंक प्राप्त हुए हैं। श्वेता सिंह रोल नंबर 2421207422 को रिजल्ट में 64 अंक मिले हैं, इनके तीन प्रश्नों के अंक नहीं जोड़े गए। गोपाल यादव रोल नंबर 35350200569 को रिजल्ट में 66 अंक मिले हैं, इनको कटिंग और ओवर राइटिंग पर प्रश्न सही होने के बाद भी नंबर नहीं मिले हैं।
आशुतोष सिंह रोल नंबर 35360502271 को रिजल्ट में 66 अंक मिले हैं, इनको भी कटिंग और ओवर राइटिंग पर प्रश्न सही होने के बाद भी नंबर नहीं दिए गए हैं। नीलम कुमारी रोल नंबर 68700301126 को कटिंग पर नंबर नहीं मिला है। इसी प्रकार की शिकायत अधिकतर परीक्षार्थियों की ओर से आई है। उन्होंने तय किया है कि इन स्कैन कॉपियों को भर्ती में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही समिति के अध्यक्ष के सामने रखेंगे। वहीं सचिव परीक्षा नियामक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षार्थियों के साथ बाहरी तत्वों के चलते काम करने में बाधा आई। लिहाजा, शाम छह बजे तक 32 परीक्षार्थियों को कॉपी दे दी गई थी, शेष परीक्षार्थियों को देर शाम आठ बजे तक स्कैन कॉपी दे दी गई।

केस-1
परीक्षार्थी अनिता त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षा नियामक कार्यालय से शुक्रवार को उन्हें जो स्कैन कॉपी मिली, उसे लेकर वह घर चली गईं। घर जाकर जब कार्बन कॉपी से मिलान किया तो बुकलेट ‘सी’ में प्रश्न संख्या आठ से 10 तक अलग से आंसर दिए गए हैं। कार्बन कॉपी में स्वर संधि लिखा है जबकि कार्बन कॉपी में दीर्घ अलग से जोड़ दिया गया है।

केस-2
अल्जिता चौधरी का ने बताया कि उनकी ‘डी’ बुकलेट की कॉपी में कुछ प्रश्न नहीं, बल्कि कॉपी के कुछ पेज ही बदल दिए गए हैं। कुछ पेज अलग से जोड़कर दूसरे उत्तर दिए गए हैं। इनका कहना है कि वह साक्ष्य के साथ शिकायत जांच समिति से करेंगी।
केस-3
परीक्षार्थी स्वाति सैनी ने बताया कि उनको मिली ‘सी’बुकलेट की कॉपी में प्रश्न संख्या 121 और 83 के सही उत्तर को बदल दिया गया। इनका कहना है कि प्रश्नों के उत्तर में हेराफेरी के बाद अब वह जांच समिति से परीक्षा निरस्त करने की मांग करेंगी।