हाईकोर्ट ने यूपी के शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच रिपोर्ट तलब की।

उत्तर प्रदेश के 68500 शिक्षक भर्ती घोटाले पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने जांच कमेटी की प्रगति आख्या, घोटाले में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई, बारकोड और अंकपत्र सूची के साथ तीन दिन में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सभी कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। जांच कमेटी गठित कर दी गयी है। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में 12 कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन और दिए गए नंबरों का मिलान कर के बार कोड सहित प्रस्तुत किया गया। इन कॉपियों में भी गड़बड़ी पाई गई थी।


बता दें कि हाईकोर्ट में परीक्षार्थी सोनिका देवी के मामले की सुनवाई के दौरान कॉपी बदले जाने की पुष्टि हुई थी। इस दौरान तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक डॉ. सुत्ता सिंह ने इस गलती को स्वीकारा भी था। परिषदीय विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती में बड़ा घोटाला सामने आया है। परीक्षार्थियों को जैसे-जैसे स्कैन कॉपी मिल रही है, गड़बड़ियों के नए-नए कारनामे उजागर हो रहे हैं। परीक्षा नियामक कार्यालय में एक साथ 39 परीक्षार्थियों की स्कैन कापियां दिखाईं गईं। परीक्षार्थियों का आरोप है कि उनकी कॉपी में लिखे उत्तर को बदल दिया गया है। पृष्ठ भी गायब करने की बात कही गई है। वहीं एक दूसरे परीक्षार्थी की कॉपी में पहले से लिखे उत्तर को ही गलत कर दिया गया है।