अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में यूएई कोर्ट ने नहीं दिया आरोपी क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण का आदेश-पीटीआई

भारतीय मीडिया किस तरह खबरों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहा है इस का एक जीता जागता प्रमाण है ये खबर। पिछले 3 दिन से लगातार देश के अखबार और न्यूज़ चैनल जिस का प्रत्यर्पण करवा रहे थे उससे सम्बंधित सारी खबरें झूठी निकली हैं।

अगस्ता वेस्टलैंड सौदे से जुड़े मामले में ऐसा माना जा रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अदालत ने कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को भारत को प्रत्यर्पित करने का कोई आदेश नहीं दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने बीती रात कहा था कि दुबई की एक अदालत ने 3,600 करोड़ रुपये के अगस्तावेस्टलैंड वी वी आई पी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में मिशेल के प्रत्यर्पण का आदेश दिया है।

सीबीआई ने बुधवार को कहा कि वह वह यूएई से मिशेल के प्रत्यर्पण संबंधी खबरों पर विदेश मंत्रालय की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रही है। यहां उपलब्ध ब्योरे के अनुसार यूएई सरकार ने दो सितंबर को दुबई की एक अदालत के समक्ष सवाल उठाया था कि क्या किसी ब्रिटिश नागरिक को किसी तीसरे देश को प्रत्यर्पित किया जा सकता है। इस पर अदालत ने मत दिया था।

सूत्रों ने कहा कि ऐसा माना जाता है कि अदालत ने मिशेल को भारत को प्रत्यर्पित करने का कोई आदेश नहीं दिया जैसा कि खबरों में आया। ऐसी खबरें थीं कि दुबई की एक अदालत ने मिशेल को भारत को प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया है। विदेश मंत्रालय ने यूएई स्थित भारतीय दूतावास से मुद्दे से संबंधित सभी ब्योरे का पता लगाने को कहा था। सरकारी सूत्रों ने कहा कि मिशेल के प्रत्यर्पण को लेकर यूएई के अधिकारियों की ओर से भारत को कोई आधिकारिक संदेश नहीं मिला है।

भारत में मिशेल 3,600 करोड़ रुपये के अगस्तावेस्टलैंड वी वी आई पी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में वांछित है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मिशेल के खिलाफ जून 2016 में दायर आरोपपत्र में आरोप लगाया था कि उसे अगस्तावेस्टलैंड से लगभग 225 करोड़ रुपये मिले थे।