उत्तर प्रदेश: बहराइच में दिमागी बुखार से कोहराम, 45 दिनों में 71 बच्चों की मौत

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उत्तर प्रदेश के बहराइच में दिमागी बुखार से कोहराम, 45 दिनों में 71 बच्चों की मौत
फोटो: सोशल मीडिया

साल 2017 में गोरखपुर में बच्चों की मौत के लिए यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अगस्त महीने को ही जिम्मेदार बताया था। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आंकड़े पेश करते हुए कहा था कि अगस्त के महीने में बच्चों की मौत स्वभाविक है। लेकिन इस बार अगस्त के साथ सितंबर का महीना भी बच्चों के लिए काल बनकर आया है।

यूपी में दिमागी बुखार ने कहर बरपा रखा है। यूपी के कई जिले जानलेवा बुखार की चपेट में हैं। बहराइच में इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। पिछले 45 दिनों में वहां 71 बच्चों की मौत हो गई है, जिसके बाद प्रदेश की स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में करीब 150 लोगों की मौत हो गई है।

हालांकि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने भी मीडिया के सामने बयान दिया है। उन्होंने कहा कई बीमारियों की वजह से बच्चों की मौते हुई है। इसके पीछे कोई एक बीमारी नहीं है।

इसका सबसे ज्यादा असर बहराइच, सीतापुर, बस्ती, बरेली और बदायूं में है। यहां रोज मरीजों का संख्या में इजाफा हो रहा है।

इसका सबसे ज्यादा असर बहराइच, सीतापुर, बस्ती, बरेली और बदायूं में है। यहां रोज मरीजों का संख्या में इजाफा हो रहा है।

बहराइच: जिले में अलग अलग बुखार के कारण पिछले 45 दिनों में 70 मासूमों की मौत जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई है। कई मासूमों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है जबकि 86 लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करावाया गया है। बताया जा रहा है कि इस बीमारी के सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हो रहे हैं। मरीजों की बढ़ती तादात के कारण अस्पताल में बेड भी खाली नहीं हैं। इस कारण मरीजों का इलाज जमीन पर बेड बिछाकर किया जा रहा है।

डॉक्टरों के मुताबिक इस अस्पताल में बहराइच के अलावे श्रावस्ती, गोंडा और बलरामपुर के मरीज भी इलाज के लिए आ रहे हैं। इस कारण भी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले 24 घंटे में इलाज के दौरान 5 बच्चों की मौत हो चुकी है।

इस दौरान एक और घटना सामने आई है। बहराइच की विधायक और यूपी की बेसिक शिक्षा एवं बाल विकास मंत्री अनुपमा जायसवाल मासूमों की मौत का दर्द झेल रहे उनके परिजनों के आंसुओं से बेखबर गणेश उत्सव के कार्यक्रम में पति संग डांस करती नजर आईं।

सीतापुर: विकास खण्ड गोंदलामऊ के दर्जनों गांवों में इन दिनों संक्रामक रोग फैला हुआ है। अब तक 34 बच्चों की मौत हो चुकी है और आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपचार की प्रर्याप्त व्यवस्था न होने से मरीज परेशान है और लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं।

बस्ती: इस जिले में भी दिमागी बुखार कहर बरपा रहा है। बुखार की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे हैं, जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में बीमार बच्चों का इलाज किया जा रहा है। तेज बुखार से पीड़ित कई बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है।

बदायूं और शाहजहांपुर: इन जिलों में पिछले तीन दिनों में 6 और मौत के साथ मंडल में मौत का आंकड़ा बढ़कर 42 हो गया है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रहस्यमयी बुखार के कारण मौतों का सिलसिला जारी है।

हरदोई: इस जिले में दिमागी बुखार के चपेट में आने से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें कई बच्चे भी शामिल है। इसके अलाना सीतापुर में 8 पीलीभीत में 4 लोगों की मौत चुकी है।

बता दें कि पिछले साल गोरखपुर का बीआरडी अस्पताल मासूम बच्चों की कब्रगाह बना था। सिर्फ अगस्त महीने में अस्पताल में भर्ती 386 बच्चों की मौत हुई थी। इसमें 36 मौत तो ऑक्सीजन की कमी से हुई थी जिस पर बड़ा हंगामा मचा था। बाकी बच्चों की मौत दिमागी बुखार से हुई थी।

मासूमों बच्चों की मौत पर उठ रहे सवालों के बीच यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने बेहद शर्मनाक बयान दिया था। लखनऊ में एक कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था, ”हम लोगों ने अपनी जिम्मेदारी सरकार पर डाल दी है जैसे हम सभी जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए हों। मुझे तो कभी कभी लगता है कि एक समय के बाद ऐसा ना हो कि लोग अपने बच्चों को एक-दो साल का होते ही सरकार के भरोसे छोड़ दें कि अब सरकार इन बच्चों का पालन पोषण करे।”