यूपी: बीजेपी में आए, पूर्व डीजीपी को बिना प्रक्रिया सीधे बनाया एससी-एसटी आयोग का अध्‍यक्ष

समाज कल्याण विभाग ने बताया कि 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी, जो साल 2014 में पद से रिटायर हुए, उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने विभाग से फाइल मंगवाने के बाद सीधे उक्त पद पर नियुक्त किया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ एक कार्यक्रम के दौरान। (फोटो सोर्स एएनआई)
उत्तर प्रदेश के पूर्व डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) बृज लाल रिटायरमेंट के बाद भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश सरकार ने उन्हें एससी/एसटी कमिशन का चीफ नियुक्त कर दिया। हालांकि इस पद पर उनकी नियुक्ती मनमाने ढंग से और उचित प्रकिया को पूरी किए बिना की गई है। यह जानकारी एक आरटीआई के जवाब में सामने आई है। लखनऊ मूल की कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने सूचना का अधिकार के तहत संबंधित विभाग से बृज लाल की नियुक्ती से जुड़ी जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में समाज कल्याण विभाग ने बताया कि 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी, जो साल 2014 में पद से रिटायर हुए, उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने विभाग से फाइल मंगवाने के बाद सीधे उक्त पद पर नियुक्त किया है।

आरटीआई द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक सामाजिक कल्याण विभाग के प्रधान सचिव मनोज सिंह को राज्य अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजाति आयोग में नियुक्तियों की स्थिति पेश करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद उन्होंने 17 अप्रैल को फाइल पेश की थी। जानकारी के मुताबिक इसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने उसी दिन सीधे बृज लाल को आयोग का चेयरमैन नियुक्त कर दिया। ऐसा विभागीय सिफारिश या प्रकिया के बिना किया गया।