यूपी: 50 हज़ार शिक्षकों की नोकरी को खतरा, NCTE ने भी हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने 25 सितम्बर को होने वाली सुनवाई के लिए अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है।

क्या है मामला

प्रदेश के 50 हजार शिक्षकों पर नौकरी का संकट गहराया हुआ है। 2012 से 2018 के बीच प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों पर नौकरी का संकट मंडरा रहा है। इन शिक्षकों की नौकरी उसके बाद सवालों के घेरे में है जिसमें हाई कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों की ट्रेनिंग B.Ed BTC के परिणाम के बाद आया है उनकी नियुक्ति मान्य नहीं है।

हाईकोर्ट के आदेश के कारण 2012 के बाद प्राथमिक विद्यालयों में हुई 72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती 9770, 10800, 10000, 15000, 16448, 12664, 12407, 12407 सहायक अध्यापक भर्ती के अलावा उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए विज्ञान व गणित विषय के 29334 सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि ऐसे शिक्षकों की संख्या 50,000 से अधिक है जिनका ट्रेनिंग का परिणाम घोषित हुआ। इस आदेश का असर वर्तमान में चल रही 68500 सहायक शिक्षक भर्ती पर पड़ेगा। बता दें कि 30 मई को हाई कोर्ट द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह आदेश दिया गया था कि जिन शिक्षकों के प्रशिक्षण का परिणाम उनके TET रिजल्ट के बाद आया है उनका चयन निरस्त कर दें । हालांकि इस मामले पर अब तक सरकार ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है ।

एनसीटीई ने अपने हलफनामे में हाईकोर्ट के फैसले पर ही अपनी मुहर लगाई है। NCTE ने कहा है कि अध्यनरत को परिभाषित करते हुए कहा है कि आपके प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम पूरा हो जाने के बाद यानी चौथे सेमेस्टर के पूर्ण कर लेने के बाद टेट परीक्षा में प्रतिभाग करने वाला ही अध्ययनरत की श्रेणी में आएगा। इस तरह ncte के अनुसार शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूर्ण होने के बाद ही टेट किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में ऐसे शिक्षकों का मामला 25 सितम्बर को सुना जाना है। उन शिक्षकों की नौकरी सवालों के घेरे में है जिनकी ट्रेनिंग (B.Ed BTC) के परिणाम टेट के परिणाम के बाद आया है। उनकी नियुक्ति अमान्य बताई गई है।