सुप्रीम कोर्ट: 50 हज़ार शिक्षकों की टेट वैधता का मामला, एनसीटीई और राज्य सरकार के हलफनामे दाखिल

केसी सोनकर

कल सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश का बहुचर्चित केस टेट इनवैलिडिटी की सुनवाई कोर्ट में होगी। उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने याचिका पर फैसला देते हुये कहा था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा का परिणाम शिक्षक प्रशिक्षण के परीक्षा परिणाम के घोषित होने के पूर्व ही घोषित होना चाहिये। समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा जारी टेट गाइडलाइन 11, फरवरी 2011 के पैरा 5(।।) के आधार पर जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान किए।

इस फैसले के खिलाफ़ पूर्व में चयनित और कार्यरत लगभग 50000 शिक्षक प्रभावित हो रहे है।
प्रभावित शिक्षकों ने इस मामले में जुलाई माह में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तब से तीन बार सुनवाई हो चुकी है। कल जस्टिस अरून मिश्रा व विनीत सरन की बेंच सुनवाई करेगी।

याचिका कर्ता की प्रमुख याचिका से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद व राज्य सरकार ने अपना शपथ पत्र दाखिल कर दिया है। याचिका कर्ताओं की ओर कल वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व एटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी, गोपाल सुब्रह्मण्यम, रूपिन्दर सिंह सूरी, पी.एन. मिश्रा व आर.के. सिंह रखेंगे।

इस केस पर प्रदेश में कार्यरत लगभग 60 हज़ार शिक्षकों की निगाहें टिकी है। ये केस यूपी की शिक्षक भर्तियों का भविष्य तय करेगा