सुप्रीम कोर्ट: तीन तलाक़ अध्यादेश के खिलाफ याचिका दाखिल, याचिकाकर्ता ने इस अध्यादेश से समाज मे धुर्वीकरण और दुर्भावना पैदा होने की आशंका का हवाला दिया।

“समस्त केरल जमीयत उलेमा” की ओर से तीन तलाक़ अध्यादेश के खिलाफ याचिका दाखिल की गई है।

याचिकाकर्ता ने इस अध्यादेश से समाज मे धुर्वीकरण और दुर्भावना पैदा होने की आशंका का हवाला दिया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस अध्यादेश से संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 123 का उल्लंघन हो रहा। इस अध्यादेश का संवैधानिक मान्यता जांची जाए।

चूंकि ये कानून एक खास धर्म के व्यक्ति को अपराधी के रूप में इंगित करता है इसलिए ये पूरे देश मे धुर्वीकरण और सौहार्द के खिलाफ कार्य करेगा।

याचिका में सवाल उठाया गया है कि ये कानून तीन तलाक़ से रोकने के बजाए पतियों को दंडित करने के लिए लाया गया है। जबकि क़ानून का उद्देश्य तीन तलाक़ मामले को खत्म करना होना चाहिए।

इस मामले पर जल्द ही सुनवाई होगी।