देश भर के शिक्षा प्रेरक 1 अक्टूबर को दिल्ली मे भरेंगे हुंकार

देश भर के शिक्षा प्रेरको ने की 1 अक्टूबर को दिल्ली मे महा आन्दोलन की घोषणा:

लखनऊ। 1 अप्रैल 2018 सेवाएं रोके जाने के बाद साक्षर भारत मिशन में चयनित शिक्षा प्रेरकों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में राष्ट्रीय साक्षरता कर्मी महासंघ ने 1 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार को कड़ी चुनौती देने का ऐलान किया है। यह जानकारी देते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अकमल खान ने बताया कि साक्षर भारत मिशन योजना के अंतर्गत देश के 26 प्रांतों में ग्राम पंचायत स्तर पर एक महिला और एक पुरुष प्रेरक की तैनाती की थी। जिन्हें पिछले 40 महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है।

साथ ही 1 अप्रैल 2018 से केंद्र सरकार द्वारा योजना विस्तार न किए जाने से राज्य सरकार ने इन सभी की सेवाएं भी रोक दी है। जिससे देश में 5 लाख शिक्षा प्रेरक और समन्वयक वर्तमान में बेरोजगार चल रहे हैं। इसी प्रकार प्रेरकों की निगरानी में काम कर रहे 35 लाख स्वयंसेवकों की सेवाएं भी पिछले 6 महीने से बाधित हैं। उन्होंने कहा कि सेवाएं रोके जाने के बाद प्रेरक लगातार धरना प्रदर्शन आमरण अनशन और भूख हड़ताल से सरकार को अपनी समस्याओं से अवगत करा रहे हैं ।

लेकिन अभी तक ना तो केंद्र सरकार और ना ही राज्य सरकार की तरफ से प्रेरक हित में कोई फैसला आया है। इसी से क्षुब्ध होकर देश भर के प्रेरकों ने 1 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक विशाल आंदोलन का निर्णय लिया है। जिसमें 26 प्रांतों से प्रेरक और समन्वयक बड़े पैमाने पर अपनी भागीदारी निभाएंगे। साथ ही इस आंदोलन से सरकार को संदेश दिया जाएगा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान ना हुआ तो उक्त सभी साक्षरता कर्मी भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बेदखल करने का अभियान चलाएंगे।