अलर्ट: ब्लूव्हेल के बाद मोमो गेम बना जानलेवा, सीबीएसई ने सर्कुलर जारी कर स्कूलों को चेताया

पहले ब्लू व्हेल गेम और अब मोमो गेम। यह दोनों ही ऐसे खेल हैं जो लोगों के लिए खासतौर पर बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। हाल ही में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां पर यह पाया गया है कि मोमो गेम के चलते कई लोगों ने और खासतौर पर बच्चों ने खुद को नुकसान पहुंचाया है। मोमो गेम्स की वजह से लगातार बढ़ते हादसों को देखते हुए अब सीबीएसई ने भी एक सर्कुलर जारी किया है।

सीबीएसई के सर्कुलर में स्कूलों और अभिभावकों को बताया गया है कि वह अपने बच्चों को लेकर खास ध्यान रखें। सीबीएसई की तरफ से जारी सर्कुलर के बाद अब स्कूल प्रशासन भी अपनी तरफ से बच्चों को जागरूक करने और उन पर खास निगरानी रखने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम चला रहे हैं। इसका मकसद यही है कि कैसे भी हो बच्चों को इस तरह के खतरनाक खेलों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा सके।

वहीं, बच्चे भी मान रहे हैं कि उनके अभिभावक और उनके टीचर्स उनकी काफी मदद कर रहे हैं। यह समझाने में कि इस तरह के ऑनलाइन गेम्स जानलेवा साबित हो सकते हैं और इनसे किस तरह से दूर रह जाए। हालांकि मनोवैज्ञानिकों की माने तो ब्लूव्हेल और मोमो गेम के फैलने और जानलेवा होने की एक बड़ी वजह है अकेलापन।

अकेलापन जो सब के आसपास होने के बावजूद लोगों और और खास तौर पर बच्चों को अपनी ओर खींचता है और जब लोगों और बच्चों को इस खेल के जरिए कुछ नई नई चीजें करने का प्रलोभन दिया जाता है। जिससे वो लोग इसके प्रति आकर्षित होते जाते हैं, बिना इस बात की परवाह किए हुए कि ये खेल जानलेवा भी साबित हो सकता है।