यूपी: शिक्षामित्रों को परीक्षा में भारांक देकर काउन्सलिंग करवाने के मामले की सुनवाई आज, केस हाइकोर्ट की चीफ जस्टिस बेंच को ट्रांसफर

उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रकरण में आज नया मोड़ आ गया। शिक्षामित्रों को 68500 भर्ती में काउन्सलिंग करवाने के लिए जब इलाहाबाद हाई कोर्ट की डबल बेंच के 2 आदेशों और लखनऊ खंडपीठ की एकल पीठो के दर्जनों आदेशो का अनुपालन राज्य सरकार नहीं किया तो अभ्यर्थियों ने अवमानना याचिका दाखिल की उसके आदेश को भी राज्य सरकर ने नहीं माना।

ऐसे में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले का संज्ञान लिया और सभी केसों को अपनी खंडपीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। केस की सुनवाई सभी अपीलों के साथ की जाएगी

क्या है मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सहायक अध्यापक भर्ती 2018 में शिक्षामित्र याचियों को भारांक के साथ एक सितंबर से शुरू हो रही काउंसलिंग में शमिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इन्हें 18 अगस्त 2018 के शासनादेश के तहत काउंसिलिंग में शामिल होने दिया जाए लेकिन इस आदेश से उनके पक्ष में अधिकार सृजित नहीं होगा।

अपीलार्थियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों को लगातार दो भर्तियों में 2.5 अंक प्रतिवर्ष के भारांक के साथ शामिल होने की छूट दी है। इसके तहत शासनादेश भी जारी हुआ है। अपीलार्थी के 66 अंक हैं और सामान्य वर्ग का कटऑफ अंक 67 है। यदि भारांक जोड़कर परिणाम घोषित किया जाए तो अपीलार्थी भी सफल हो जाएंगे और भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। क्योंकि शासनादेश के तहत शिक्षामित्रों को प्रतिवर्ष कार्य अवधि का भारांक देकर भर्ती परिणाम घोषित करने को कहा गया है। फिलहाल कोर्ट ने अपीलार्थियों को प्राविधिक रूप से सहायक अध्यापक भर्ती काउंसलिंग में शामिल करने का आदेश दिया है।

इन याचिकाओ पर सुनवाई 26 सितम्बर (आज) को होगी। राज्य सरकार ने इस प्रकरण में लगातार जानबूझ कर कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है। ऐसे में मुख्य न्यायाधीश इस मामले में क्या रुख अख्तियार करते हैं देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल ये केस इस पूरे भर्ती प्रकरण में सर्वाधिक याचिकाकर्ताओं और सर्वाधिक आदेशों वाला केस है। इसके वावजूद राज्य सरकार ने कोर्ट के एक भी आदेश पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।