यूपी: हाईकोर्ट को आज बताएगी भर्ती परीक्षा जांच कमेटी, 18 दिन में क्या मिला

इलाहाबाद। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों पर 25 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। सरकार के गलती मानने के बाद भी यह साफ नहीं हो सका है कि अभर्थियों के कॉपियों में हेरा फेरी, अंकों में फेरबदल व काट पीट का कारनामा किसके द्वारा और किसके इशारे पर किया गया है। 8 सितंबर को इस मामले में बनी जांच कमेटी 18 दिन बाद भी अब तक किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट शासन को नहीं सौप पाई है। कोर्ट ने 27 सितंबर को जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। ऐसा न होने पर जांच समिति के चेयरमैन को हाजिर होने का निर्देश दिया गया है। आज की सुनवाई में जमा करना है जांच रिपोर्ट।

हाईकोर्ट लगा चुका है फटकार

इस मामले में 25 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई थी, जहां हाईकोर्ट ने जांच कमेटी की शिथिलता पर नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट 27 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर जांच कमेटी की स्पष्ट रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। दरअसल एक दिन पहले सरकार की ओर से हाईकोर्ट में हलफनामा दिया गया और जांच कमेटी की अभी तक की कार्रवाई का जिक्र किया गया है। जिसमें यह बताया गया है कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी की सचिव श्रीमती सुत्ता सिंह को निलंबित कर दिया गया था, साथ ही अन्य अधिकारियों को भी हटाया गया था। हालांकि सरकार यह बताने में असफल रही कि आखिर इस प्रकरण के पीछे जिम्मेदार कौन है। हाईकोर्ट ने भी सरकार से यही पूछा कि अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसने किया और कॉपियां किसके द्वारा प्रभावित की गई हैं।