बरेली में चले अतिक्रमण हटाओ अभियान पर पक्षपात का आरोप

बरेली में अतिक्रमण विरोधी अभियान की आलोचना ज़्यादा और सराहना कम हुई है। इस मुद्दे पर लोग सोशल मीडिया के माध्यम से निगम की कारगुज़ारियों का चिट्ठा खोल रहे हैं।

आकाश दिवाकर नामक फेसबुक यूज़र ने अपनी वाल पर लिखा है

“भाजपा की ये है दोहोरी नीति जब शहर मे अतिक्रमण चल रहा तो गरीबो को 5 से 7 फिट मकान गिरा दिए गए और बही मोटी रकम लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के मकान को छुआ भी नही जो पूरा का पूरा सरकारीजमीन पर है आम जनता को किया गया परेशान”

निगम के पक्षपाती रवैये पर सवाल उठते रहे हैं

मेयर के इस अतिक्रमण अभियान पर सवाल भी उठाए गए वित्तमंत्री के कार्यालय के बाहर शौचालय न तोड़ने पर लोगों ने हंगामा किया था इसके साथ ही सपा पार्षद दल के नेता राजेश अग्रवाल ने भी नगर आयुक्त को पत्र लिख कर अतिक्रमण अभियान में भेदभाव करने का आरोप लगाया है।

दूसरी तरफ बाकरगंज के ‘नरक’ को साफ कराने के लिए करीब 30 वर्षो से रह रहे करीब सौ लोगों के घर नगर निगम ने उजाड़ दिए, लेकिन उनके विस्थापन की कोई योजना नहीं बनाई. जिसकी वजह से यहां लोग सड़कों पर खुले आसमान के नीचे जीवन यापन को मजबूर हो गए। इसमें से करीब दर्जन भर लोग वायरल फीवर से पीडि़त भी हुए। मामले पर जब नगर आयुक्त से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह लोग सरकारी जमीन पर नहीं बसाए गए थे. अवैध तरीके से कब्जा कर रह रहे थे. नगर निगम ने दो माह पहले ही चेतावनी दे रखी थी