पेट्रोल-डीजल के बाद महंगाई का ट्रिपल अटैक: एलपीजी सिलेंडर, सीएनजी और एटीएफ की कीमतें बढ़ीं

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग से परेशान आम लोगों पर महंगाई का ट्रिपल अटैक हो गया है। रसोई गैस के साथ ही सीएनजी भी महंगी हो गई है। इसके अलावा विमान ईंधन (एटीएफ) की घरेलू दर में 2650 रुपये प्रति किलोलीटर की वृद्धि से हवाई सफर के लिए भी जेब अधिक ढीली करनी होगी। नई कीमतें आज आधी रात से लागू हो जाएंगी।

बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 59 रुपये महंगा
सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 2.89 रुपये बढ़कर 502.4 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। दिल्ली में बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 59 रुपये महंगा हो गया है। इंडियन ऑइल ने एक बयान में कहा कि सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी प्रमुख तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने और विदेशी मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के चलते की गई है।

कंपनी ने बताया कि सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत पर वास्तविक प्रभाव मात्र 2.89 रुपये प्रति सिलेंडर पड़ेगा। इसकी प्रमुख वजह उस पर जीएसटी का लगना है। अक्टूबर में ग्राहकों के खाते में 376.60 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी जमा की जाएगी जो सितंबर 2018 में 320.49 रुपये थी। वहीं कांग्रेस पार्टी के नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट कर केंद्र सरकार पर हमला बोला है।

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सीएनजी की बढ़ी कीमत
दिल्ली और पड़ोसी शहरों में आज आधी रात से सीएनजी भी महंगी हो जाएगी। दिल्ली में सीएनजी की कीमत में 1.70 रुपये प्रति किलो और नोएडा, ग्रेटर नोएडा व गाजियाबाद में 1.95 रुपये वृद्धि की घोषणा की गई है। रेवाड़ी में 1.80 रुपये का इजाफा हुआ है।

कीमत में वृद्धि के बाद नई दर इस प्रकार है। दिल्ली-44.30 रुपये प्रति किलो, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद- 51.25 रुपये प्रति किलो। रेवाड़ी-54.05 रुपये प्रति किलो।

हवाई सफर पर असर
विमान ईंधन (एटीएफ) की घरेलू दर में 2650 रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोत्तरी की गई है। यह बढ़ोत्तरी 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी। इंडियन ऑइल की ओर से कहा गया है कि मुंबई में एटीएफ का भाव 2650 रुपये प्रति किलोलीटर बढ़ गया है। एक किलोलीटर में 1000 लीटर होता है। पिछले महीने एटीएफ की दर में 2250 रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोत्तरी की गई थी। एटीएफ में इजाफे का मतलब है कि विमानन कंपनियां टिकटों के दरों में इजाफा कर सकती हैं।

कीमतों में यह बढ़ोत्तरी मुख्य तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में एटीएफ के दाम बढ़ने और रुपये में गिरावट के चलते मुद्रा विनिमय दर प्रभावी होने से की गई है। कंपनी ने कहा है कि सरकार ने 27 सितंबर से एटीएफ आयात पर 5 प्रतिशत सीमा शुल्क भी लगा दिया है, हालांकि इसका भार विमानन कंपनियों पर नहीं डाला गया है।