चीन ने दुनिया को दिखाई ताकत, एक साथ तीन हाइपरसोनिक मिसाइलों का किया परीक्षण

चीन ने तीन तरह की हाइपरसोनिक विमान मिसाइलों का परीक्षण किया है। चीनी मीडिया ने कहा है कि इस प्रकार के हाइपरसोनिक विमान का चीन ने पहली बार परीक्षण किया है।

बीजिंगः चीन ने तीन तरह की हाइपरसोनिक विमान मिसाइलों का एक साथ परीक्षण किया है। सरकारी प्रसारणकर्ता, सीसीटीवी के अनुसार, ‘वाइड-स्पीड-रेंज व्हिकल’ के तीन स्केल-डॉउन मॉडल्स के परीक्षण 21 सितंबर को पश्चिमोत्तर चीन के जियुकुआन सैटेलाइट लॉन्च सेंटर में किया गया। ये तीनों मिसाइलें हाइपरसोनिक गति से लेकर ध्वनि की गति से कम रफ्तार तक उड़ सकती हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, तीनों की डिजाइन अलग-अलग है, जिनके कूट नाम डी18-1एस, डी18-2एस और डी18-3एस हैं। चीनी मीडिया ने कहा है कि इस प्रकार के हाइपरसोनिक विमान का चीन ने पहली बार परीक्षण किया है।

चीनी मीडिया ने किया ये दावा
बताया जा रहा है कि चीन हाइपरसोनिक विमान की रफ्तार को जरुरत पड़ने पर बढ़ा और घटा भी सकता है। चीनी मीडिया ने कहा है कि यह विमान परमाणु हथियार ले जाने वाले विमानों से बेहतर तरीके से हमला कर सकेगा। दरअसल चीन अमरीका और रूस के बराबर अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाना चाहता है। चीनी वैज्ञानिक विमानों की मारक क्षमता को अचूक बनाना चाहते हैं। तीन तरह की हाइपरसोनिक विमान मिसाइलों का परीक्षण भी इसी का हिस्सा है।

भारत-अमरीका-जापान की बढ़ेगी मुश्किलें
बता दें कि चीन की बढ़ती सैन्य ताकत भारत, अमरीका और जापान के लिए भी खतरा पैदा करेगी। इसी साल जनवरी महीने में अमरीकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट की मानें तो चीनी मिसाइल आने वाले समय में तीनों देशों के सैन्य ठिकानों पर सटीक तरीके से निशाना लगाने में भी सक्षम होगी। पिछले महीने भी चीन ने पहली बार स्टारी स्काय-2 नामक हाइपरसोनिक ग्लाइडर का परीक्षण किया था। इसे रॉकेट के जरिए छोड़ा गया था। फिलहाल चीन के इस परीक्षण पर अंतररष्ट्रीय समुदाय की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.