किसान क्रांति यात्रा: किसानों के आगे झुकी सरकार, ‘अन्नदाताओं’ की 9 मांगों में से 7 पर सहमत

मामला बढ़ने पर सरकार नाराज किसानों से मिलने को राजी हुई. जिसके बाद किसान नेता देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर मिले. बैठक के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनकी 7 मांगों पर सरकार से सहमति बनी है

देश के ‘अन्नदाता’ किसान आंदोलन की राह पर हैं. किसान क्रांति यात्रा के तहत हरिद्वार से हजारों की संख्या में किसानों ने मंगलवार को दिल्ली की तरफ कूच किया. मगर यहां पहुंचने से पहले उन्हें रोक दिया गया. दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की भारी फौज तैनात थी. जिन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे किसानों पर पानी की तेज बौछार की और आंसू गैस के गोले छोड़े.

फर्स्ट पोस्ट डॉट कॉम के अनुसार मामला बढ़ने पर सरकार नाराज किसानों से मिलने को राजी हुई. जिसके बाद किसान नेता देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर मिले. बैठक के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसानों की मांग पर विस्तार से चर्चा हुई है. जिसके बाद सरकार के 7 मांगों को मानने पर सहमति बनी है. हम किसानों से मिलकर इसके बारे में उन्हें अवगत कराएंगे.

दरअसल किसान अपनी 9 सूत्रीय मांगों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं. किसान इसे लेकर सरकार से आर-पार के मूड में हैं.

1. किसानों के पिछले साल के गन्ना फसल के बकाए भुगतान की मांग, यदि 14 दिन तक पेमेंट न हो तो उन्हें इसपर ब्याज मिले. ऐसा न करने वाले शुगर मिलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग.

2. स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू किए जाने की मांग. स्वामीनाथन कमेटी के फॉर्मूले के आधार पर किसानों की आय की लागत में कम से कम 50 प्रतिशत जोड़ कर मिले. साथ ही बाजार भाव के मूल्य के अनुपात में उनके फसलों की खरीद की गारंटी दी जाए.

3. किसानों के लिए पेंशन की मांग. सरकारी नौकरियों की तरह 60 वर्ष के बाद किसानों को पेंशन मिले

4. राज्य सरकार की तर्ज पर केंद्र भी किसानों के कर्ज को माफ करे

5. बिजली के दामों में कमी की मांग.

6. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बदलाव किया जाए. किसानों को होने वाले भुगतान को डिजिटल पेमेंट से जोड़ा जाए. किसान क्रेडिट कार्ड योजना में बिना ब्याज लोन दिया जाए.

7. पिछले 10 साल में आत्महत्या करने वाले लगभग 3 लाख किसानों के परिवार को मुआवजा मिले और उनके परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी जाए.

8. डीजल के दामों में कमी की मांग. दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुराने ट्रैक्टरों के उपयोग पर से लगी रोक को हटाया जाए

9. आवारा पशुओं से खेत में खड़ी फसलों का बचाव हो