यूपी शिक्षक भर्ती: हाइकोर्ट ने जांच कमेटी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, भर्ती में हुए खुले भ्रष्टाचार पर कोर्ट नाराज़

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सहायक अध्यापक भर्ती मामले में आज छाया देवी की याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता को 64 अंक दिए गए जबकि उसकी कॉपी में 4 प्रश्नों के सही उत्तरों पर कोई अंक ही नहीं दिया गया। इस मामले में कोर्ट कड़ी नाराजगी जाहिर की है. कार्ट ने भर्ती प्रक्रिया को गड़बड़ और भ्रष्ट बताया, साथ ही चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमिता पर नाराज़गी जताई है.

कोर्ट ने 3 दिन में याचिकाकर्ता की कॉपी का पुनर्मूल्यांकन कर नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया है। साथ ही मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि इस भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए। न्यायालय अपने इस आदेश को मुख्य सचिव को भेजने का निर्देश देते हुए, मुख्य सचिव को आदेश दिया कि वह सहायक शिक्षक भर्ती मामले में हुए भ्रष्टाचार से मुख्यमंत्री को तीन दिन में अवगत कराएं। न्यायालय ने मामले की अग्रिम सुनवाई इस विषय पर विचाराधीन अन्य याचिकाओं के साथ 8 अक्टूबर को किए जाने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि अभ्यर्थियों की कॉपियां बदलने के मामले पर हाईकोर्ट ने पहले ही सख्त रुख अख्तियार किया हुआ है और भर्तियों को अपने अंतिम आदेश के आधीन किया हुआ है।
इस मामले की अगली सुनवाई सोनिका देवी और अन्य के साथ 8 अक्टूबर को होगी।

उत्तर प्रदेश की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में जैसे-जैसे परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय अभ्यार्थियों की स्कैन कॉपी या दे रहा है पूरी भर्ती प्रक्रिया ही विवादों में घिरती चली जा रही है। दरअसल, अधिकांश ऐसे अभ्यर्थियों की कॉपियां सामने आ रही हैं, जिनमें नंबर कुछ मिला है और दर्शाया कुछ गया है। यहां तक कि कॉपियां जांचने, कंप्यूटर में उनके अंक दर्शाने में भी गड़बड़झाला हुआ है। सीधे शब्दों में कहें तो पूरी चयन प्रक्रिया ही उलझी हुई है। फिलहाल भर्ती प्रक्रिया की जांच शुरू हो चुकी है और लिखित परीक्षा से संबंधित हर दस्तावेज जांच के लिए गठित टीम देख रही है। लेकिन, जिस तरह से स्कैन कापियों में गड़बड़झाले का खुलासा हो रहा है उससे अब इस भर्ती प्रक्रिया के अस्तित्व पर भी सवाल उठने लगा है।

गड़बड़ी के यह मामले आए सामने

केस 1- हाथरस के यतीश सिंह सेंगर (रोल नंबर 4064136) की स्कैन्ड कॉपी में दर्ज है कि उन्हें 150 अंकों में 91 नंबर मिले थे। लेकिन रिजल्ट में उन्हें 41 नंबर देकर फेल कर दिया गया था। यतीश के अनुसार उनकी कॉपी सीता नाम की एक लड़की से बदल गई है। सीता को 41 नंबर मिले थे लेकिन उसे 91 मिले हैं।

केस 2 – फैजाबाद के गौरव शुक्ला (रोल नंबर 59590100463) ने बताया कि उन्हे 82 नंबर मिलना चाहिए थे। लेकिन रिजल्ट में 66 नंबर मिला है।

केस 3 – देवरिया के विमल कुमार मिश्र (रोल नंबर 52541106051) ने बताया कि उन्हे 77 नंबर मिलना चाहिए थे। लेकिन रिजल्ट में 65 नंबर मिला है।

केस 4 – भदोही के रजनीश (रोल नंबर 46460502339) ने बताया कि उन्हे 75 नंबर मिलना चाहिए थे। लेकिन रिजल्ट में 66 नंबर मिला है।

इसी तरह सुधीर सिंह, इलाहाबाद (रोल नंबर 35350401664) को 68 अंक की जगह 60 नंबर दिये गये। बस्ती के भीम सिंह रोल नंबर 35352713326 को 75 की जगह 65 नंबर मिले हैं। अमरोहा के सुमित कुमार रोल नंबर 12130302210 को 75 नंबर की जगह 45 नंबर मिला है। जबकि अन्य शिकायतकर्ता में प्रतापगढ़ के मनबोध कुमार रोल नंबर 35381105203 को 74 की जगह 64 नंबर मिला। औरैया की पूजा रोल नंबर 3535100429 को 80 नंबर में से सिर्फ 37 नंबर मिले हैं। जबकि गया प्रसाद यादव व ऋषिकेश पासवान ने आज अपनी स्कैन कापियां निकलवाई तो उनके रिजल्ट व मिलने वाले नंबर में भारी गड़बड़झाला सामने आया है।