सुप्रीम कोर्ट: यूपी टेट 2017 मामले में सरकार 15 दिन में जवाब दाखिल करे

रिज़वान अंसारी और अन्य ने यूपी टेट 2017 में कम अंक दिए जाने को लेकर याचिका दाखिल की हुई है। इस मामले को आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था।

इस महत्वपूर्ण केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस मदन बी लोकुर, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस दीपक गुप्ता की तीन न्यायधीशों की पीठ ने की। ये याचिका वर्तमान 68500 शिक्षक भर्ती को भी प्रभावित करेगी। को

इस याचिका में याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट की डबल बेंच के निर्णय को चुनौती दी है। जिसमे जांच कमेटी की रिपोर्ट को संदेहास्पद बताते हुए 13 अंक प्रदान करने की मांग की है।

याचिका के पैरवीकार रिज़वान अंसारी ने बताया कि

आज टेट केस की सुनवाई जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली ट्रिपल बेंच में हुई। चूंकि विपक्षी पार्टियों का काउंटर नही आया था, इस बात पर हमारे सीनियर एडवोकेट वी शेखर और आरके सिंह ने सरकार के इस ढुलमुल रवैये पर कोर्ट में आपत्ति जताई। वरिष्ठ अधिवक्ता वी शेखर ने कोर्ट को बताया कि सरकार यूपीटेट 2018 भी करवाने जा रही जबकि इस केस में काउंटर तक फ़ाइल नही किया। हमारे वकीलो ने नए तरीके से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक्सपर्ट कमेटी गठन की मांग भी की।

यूपी टेट 2017 का ये मामला अवकाश कालीन बेंच में भी सुना जा चुका है। इस मामले किसी तरह का कोई निर्णय आने पर शिक्षक भर्ती में व्यापक फेर बदल होने की उम्मीद तो है ही साथ ही गतिमान टेट 2018 परीक्षा भी खतरे में है। इस मामले की अगली सुनवाई में राज्य सरकार को अपना हलफनामा दाखिल करना है।