यूपी शिक्षक भर्ती घोटाला: शासन ने की जांच की समीक्षा, 11 से 20 अक्टूबर तक कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन के लिए कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन।

सहायक शिक्षक भर्ती में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए बनी संजयभूसारेडी कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जांच कमेटी ने जिन बिंदुओं पर ये रिपोर्ट दी है उसके आधार पर शासन ने तय किया है कि सभी अभ्यर्थियों को अपनी कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन का अवसर मिले। इसके लिए उन्हें कोई फीस नहीं देनी पड़े। 11 से 20 अक्टूबर तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा सकेंगे।

गड़बड़ी के आरोप में परीक्षा नियामक प्राधिकारी के तत्कालीन रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह नेगी और डिप्टी रजिस्ट्रार प्रेमचंद कुशवाहा को सस्पेंड किया गया है। SCERT के 7 पर्यवेक्षक के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई होगी।
53 फेल अभ्यर्थियों को नौकरी मिल गयी थी उनकी कापियां दोबारा जंचेगी। अगर पास नहीं हुए तो नौकरी जाएगी। 51 पास अभ्यर्थी फेल दिखाए गए थे उनकी नौकरी पक्की होगी।

बेसिक शिक्षा विभाग में हुई सहायक शिक्षक भर्ती में गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुक्रवार को विभाग के दो और अफसर सस्पेंड कर दिए गए हैं। इसके अलावा सात के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। 353 कॉपियों के मूल्यांकन में मिली गड़बड़ी के आधार पर इन्हें जांचने वाले परीक्षक भी नपेंगे।

यहां बता दें कि हाई कोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ ने सरकार की जांच कमेटी पर सवाल उठाए थे। आज सौंपी गई जांच रिपोर्ट और उसके दिए समाधान हाईकोर्ट की दी गयी व्यवस्था के हिसाब नाकाफी हैं। अभ्यर्थियों के साथ बड़ी संख्या में नाइंसाफी हुई है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अपनी कॉपियों में हेरफेर, कॉपी बदले जाने, उत्तरों में गड़बड़ी, कॉपी के पन्नो के फाड़ने तक कि शिकायतें की हैं। लेकिन कमेटी की रिपोर्ट में इस पर कोई समाधान प्रस्तुत नहीं किया गया है। हाई कोर्ट की लखनऊ की खंडपीठ में इस मामले में 8 अक्टूबर को सुनवाई होना है। सरकार को इस मामले में अपनी जांच रिपोर्ट और कि गयी कार्यवाही कोर्ट में प्रस्तुत करना है। कोर्ट इस पर क्या रुख अपनाता है। अभ्यर्थियों को इसका बेसब्री से इंतेज़ार है।