यूपी: 21 जिलों के 10 लाख घरों में अभी भी नहीं है बिजली कनेक्शन

राजनीतिक दावों के बावजूद दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) अंतर्गत आने वाले 21 जिलों के 10 लाख घरों में अभी भी बिजली का कनेक्शन नहीं है। सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन दिए तो जा रहे हैं लेकिन यह काम प्रगति नहीं पकड़ पा रहा है।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक सबसे ज्यादा बिजली कनेक्शन बांदा जिले में दिए गए हैं। 30 नवंबर तक दक्षिणांचल को हर मजरे को रोशन करना है। मगर, आगरा में लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 58 फीसदी ही प्रगति हो पाई है। दक्षिणांचल अंतर्गत पांच मंडल (आगरा, अलीगढ़, कानपुर, झांसी और चित्रकूट) के 21 जिले आते हैं।

प्रबंध निदेशक एसके वर्मा के अनुसार, सौभाग्य योजना के तहत लक्ष्यों के सापेक्ष अब तक सबसे ज्यादा बिजली कनेक्शन बांदा में 88 फीसदी, मथुरा में 81 फीसदी, चित्रकूट में 80 फीसदी, आगरा में 58 फीसदी, फिरोजाबाद में 55 फीसदी अवशेष अविद्युतीकृत घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अन्य जिलों की स्थिति इससे नीचे है।
इतने घरों में आज भी ‘अंधेरा’
उन्होंने बताया कि पांच मंडलों में सौभाग्य योजना के अंतर्गत कुल 17533 गांव के 39112 मजरे आच्छादित हैं। इन मजरों में कुल अवशेष घरों की संख्या 18,60,105 है, जिनके यहां बिजली कनेक्शन नहीं था। सौभाग्य योजना के तहत पांच अक्टूबर तक 8,39,888 परिवारों को निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके हिसाब से 10,20,217 घरों में अभी भी कनेक्शन नहीं है।

डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक का कहना है कि 571 मजरे ऐसे हैं, जिनमें दस से कम घर हैं। इन मजरों में कुल 3249 घर हैं। यहां सोलर पैनल लगाकर निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे।