बरेली: खंडेलवाल बंधुओं से मिली तीन अरब से अधिक की बेनामी संपत्ति

तीन दिनों के अभियान में बड़ी सफलता

दो खाद्य तेल कंपनी के मालिक खंडेलवाल बंधु के यहां आयकर की टीम को बड़ी सफलता हासिल हुई है. आयकर अधिकारियों की मानें तो दोनों भाइयों के घर-ऑफिस समेत कुल 29 ठिकानों से 3 अरब से ज्यादा की चल-अचल सम्पत्ति के दस्तावेज हाथ लगे हैं. इसमें करीब एक अरब से ज्यादा कीमत के 35 फ्लैट हैं, तो 200 करोड़ की अन्य सम्पत्ति मिली है. इसके अलावा 35 करोड़ नकद मिले हैं. फिलहाल इन सम्पत्तियों के कागजात दोनों भाई पेश नहीं कर सके हैं.

35 फ्लैट्स का नहीं था कोई जवाब

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खंडेलवाल बंधु के घर-ऑफिस में 35 फ्लैट के कागजात आयकर टीम के हाथ लगे. यह सभी फ्लैट्स नोएडा, दिल्ली, लखनऊ सहित कई शहरों में हैं. यह फ्लैट किसके हैं. यह कागज उनके पास कैसे आय. आयकर अधिकारियों के ऐसे तमाम सवालों के जवाब दोनों भाई नहीं दे सके. शुरुआती जांच में आयकर अधिकारी इसे काली कमाई से बनाई गई प्रॉपर्टी बता रहे हैं.

सर्च अभियान हुआ समाप्त

तीन दिनों की लगातार दबिश के बाद आयकर टीम ने शनिवार को अभियान को समाप्त कर दिया. जो भी संपत्ति मिली है उसके दस्तावेज बनाकर अपने साथ ले गए. सोना,चांदी, हीरे और कैश को सील कर अपने साथ ले गए.

प्रधान आयकर निदेशक अमलेनद्र कुमार ने यहां पत्रकारों को बताया कि खंडेलवाल एडिबल ऑयल के मालिक दिलीप खंडेलवाल ने 35 करोड़ की अघोषित आय सरेंडर की जबकि बीएल एग्रो के मालिक घनश्याम खंडेलवाल ने बैंक लोन और सीसी लिमिट के लिए बोगस स्टेटमेंट दाखिल करना स्वीकार किया।

घनश्याम खंडेलवाल (बीएल एग्रो) में 300 करोड़ रुपए का स्टॉक कम होने के बारे में कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। श्री कुमार ने बताया कि जब दिलीप खंडेलवाल ने 35 करोड़ की अघोषित आय सरेंडर कर दी और घनश्याम खंडेलवाल के दफ्तरों में जांच मे 300 करोड़ रुपए का स्टॉक कागजों में तो मिला लेकिन मौके पर नहीं मिला।

काला धन की होगी जांच

आयकर की टीम को भले ही अरबों रुपये की बेनामी संपत्ति उद्यमी बंधुओं से बरामद करने की बात कह रहा है, लेकिन पड़ताल के बाद ही पता चलेगा कि यह कालाधन है यह इनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई का हिस्सा है.

अंतिम दिन मीडिया से बनाई दूरी-

बरेली के खंडेलवाल बंधुओं के यहां दबिश के पहले और दूसरे दिन आयकर की टीम मीडिया को हर पल की सूचना देती रही, लेकिन तीसरे दिन जब सर्च ऑपरेशन को बंद करने का वक्त आया तो प्रधान आयकर निदेशक अमरेंद्र कुमार ने मीडिया वालों से दूरी बनाए रखी.