पुरानी पेंशन की मांग : सरकार से वार्ता विफल- 25 से 27 अक्टूबर को कार्य बहिष्कार करेंगे कर्मचारी

इंडिया इमोशन्स न्यूज़ लखनऊ. पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर कर्मचारियों, शिक्षकों, अधिकारियों की महारैली सोमवार को राजधानी के ईको गार्डेन में हुई। कर्मचारी दल और उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से वार्ता विफल होने के बाद 25 ,26, 27 अक्टूबर को कार्य बहिष्कार फैसला कर्मचारियों ने लिया है। इससे पहले सोमवार यूपी की पुरानी पेंशन बहाली को लेकर राजधानी लखनऊ में सोमवार को शिक्षक, इंजीनियर,अधिकारी व कर्मचारी महारैली का आयोजन ईको गार्डन में किया गया।

महारैली में हिस्सा लेने के लिए पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में कर्मचारी रविवार शाम से ही लखनऊ पहुंचने लगे हैं। डिप्लोमा इंजिनियर्स महासंघ के महासचिव जीएन सिंह ने महा रैली में पांच लाख कर्मचारियों, शिक्षकों, अधिकारियों और इंजीनियरों के शामिल होने का दावा किया है। पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक हरि किशोर तिवारी ने बताया कि रविवार शाम तक दो लाख से ज्यादा कर्मचारी महारैली में हिस्सा लेने के लिए अपने जिलों से लखनऊ के लिए रवाना हो चुके। इस प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी इंतजाम किए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शनकारी ईको गार्डन से बाहर न निकल सकें। इसके लिए बैरीकेडिंग लगाई गई है।

जानिए कर्मचारी क्यों बता रहे हैं NPS को फेल : पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सोमवार को राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदेश भर के लाखों शिक्षक, इंजीनियर्स, अधिकारी व कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि एक अप्रैल 2005 से लागू न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) की जगह पुरानी व्यवस्था को लागू किया जाए। ताकि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी के परिवार का भविष्य सुनिश्चित हो सके। दरअसल, पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाने वाले संगठनों का कहना है कि एनपीएस पूरी तरह से फेल है। लागू होने के 14 साल बाद भी यह व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं आ सकी है। ऐसे में में रिटायर हो चुके या रिटायर होने वाले कर्मचारियों को मिलने वाला जीपीएफ का पैसा भी फंसा है।

पांच लाख लोग जुटने की योजना : इस रैली में करीब 5 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। पेंशन बहाली मंच के बैनर तले लखनऊ के ईको गार्डन में लगने वाले जमावड़े के लिए दो लाख वर्गफीट का पंडाल बनाया गया है यही नहीं इसमें 75 हजार कुर्सियों के साथ ही लाउडस्पीकर और एलसीडी स्क्रीन लगाई गई है। इसे चुनावी सीजन में सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

पेंशन बहाली मंच के अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम की राशि शेयर मार्केट में लगाई जाती है। इसमें न्यूनतम पेंशन की कोई गारंटी नहीं होने से शिक्षकों और कर्मचारियों का भविष्य अन्धकारमय है। अगर पुरानी पेंशन बहाली नहीं की गई तो प्रदेश की मौजूदा सरकार को परिणाम भुगतना होगा।