यूपी शिक्षक भर्ती: आज कोर्ट में और खुली घोटाले की परतें, कोडिंग करने वाली वाली फर्म भी कोर्ट पहुंची

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सोनिका देवी और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई हुई। 68500 शिक्षक भर्ती घोटाले में आज की सुनवाई में नया मोड़ आ गया। जिस फर्म को उत्तर पुस्तिकाओं की बार कोडिंग का ज़िम्मा दिया गया था वो फर्म भी कोर्ट में अपना पक्ष रखने कोर्ट पहुंच गई। चूंकि सरकार की जांच कमेटी ने बार कोड करने वाली फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया है, इसलिए फर्म ने भी पक्ष रखा।

फर्म की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जब सरकार ने हमसे मूल्यांकन के बाद बार कोडिंग के मिलान के लिए कॉपियां ही उपलब्ध नहीं करवाईं तो हमे ब्लैक लिस्ट किस आधार पर कर दिया गया? फर्म की ओर से कोर्ट में सरकार के अधिकारियों की कारगुज़ारियों का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल के रख दिया गया। कोर्ट के समक्ष ये साफ हो गया कि अधिकारियों ने कॉपियों का मूल्यांकन अपनी मन मर्ज़ी मुताबिक करवाया। किसी की कॉपी को किसी के बार कोड के साथ जोड़ दिया, किसी के नंबर किसी को चढ़ा दिए। आज की सुनवाई में पूरे मूल्यांकन पर ही प्रश्न चिन्ह लग गया गया है। सरकारी वकील के पास अपनी जांच कमेटी की रिपोर्ट का बचाव करने के लिए कोई तर्क नहीं था। जांच कमेटी की रिपोर्ट इस खुलासे के बाद सिर्फ खानापूर्ति मानी गयी।

खबर लिखे जाने तक सुनवाई जारी थी।