यूपी शिक्षक भर्ती: 68500 शिक्षक भर्ती मामले में कोर्ट ने दिए सीबीआई जांच के संकेत

आज 68500 शिक्षक भर्ती में सोनिका देवी सहित दर्जनों याचिकाओं की सुनवाई लखनऊ पीठ में जस्टिस इरशाद अली की बेंच में हुई।

कोर्ट ने सरकार की जांच रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेकर महाधिवक्ता से सवाल किए। जांच कमेटी ने किसी के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं में कोई एफआईआर क्यों नहीं करवाई। भ्रष्टाचार के चार्ज क्यों नहीं लगाए गए? सरकार की ओर इसका कोई संतुष्टिपूर्ण उत्तर नहीं दिया गया। इस पर कोर्ट ने कहा कि क्यों न आपकी भर्ती की CBI जांच करवा दी जाए? महाधिवक्ता ने अतिरिक्त हलफनामा लगाने का अनुरोध किया। कोर्ट ने मंजूरी देते हुए केस को कल अंतिम बहस के लिए लगा दिया है।

शिक्षक भर्ती घोटाले में एक नया मोड़ तब आया जब मूल्यांकन एंजेंसी ने ही सरकार की कारगुजारियों का खुलासा भरी कोर्ट में कर दिया। मूल्यांकन एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने कापियों का मूल्यांकन मनमर्जी से करवाया,मूल्यांकन में किसी भी मानक का पालन नही किया गया। एजेंसी को अनर्गल रूप से शासन ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया। जबकि मूल्यांकन में शासन ने एजेंसी से कोई काम ही नही लिया और न ही नियामक ने कोई पुनर्मूल्यांकन करवाया है।

एजेंसी की ओर से बताया गया कि एक सेंटर की 50 कापियां ऐसी आई जिन पर कोई बार कोडिंग ही नही हुई थी। एजेंसी ने नोट करवाया की उससे मात्र 1 हजार कापियां चेक करवाई गईं जबकि सरकार की ओर से सवा लाख कॉपियो की चेकिंग की जानकारी दी गयी थी। फर्म की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 1000 कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन में 354 कॉपियों में गड़बड़ी पाई गई। एजेंसी के इस खुलासे से पूरे मूल्यांकन पर सवालिया निशान लग गया है।

पैरवीकार रिज़वान अंसारी ने बताया कि कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं के वकीलों से अंतिम सबमिशन दाखिल करने का निर्देश देते हुए कल 09 अक्टूबर को केस फाइनल करने का आदेश पारित किया। और कोर्ट ने कहा कि इस भ्रष्टाचार पर कोर्ट ऐसा आदेश सुनाएगी जो भविष्य के लिए नजीर बनेगा।