यूपी: भाजपा नेताओं का गांव में आना सख्त मना है, आने वाला खुद जान-माल का जिम्मेदार होगा

यूपी के आठ गांवों में बोर्ड- बीजेपी नेताओं की एंट्री बैन, आए तो सुरक्षा की गारंटी नहीं
उत्तर प्रदेश के अमरोहा में आठ गावों के किसानों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं से बदला लेने का मूड बना लिया है। गावों में ऐसे बोर्ड देखे जा रहे हैं जिनमें लिखा गया है, ”किसान एकता जिंदाबाद। बीजेपी वालों का इस गांव में आना सख्त मना है। जान, माल की स्वयं रक्षा करें।”

अमरोहा के गांव रसूलपुर के बाद अब जिले में भी भाजपा नेताओं के खिलाफ गांवों में बोर्ड लगाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। पाकबड़ा के पास स्थित कांठ विधानसभा क्षेत्र के गांव बागड़पुर और कांठ के मोहल्ला पट्टी में भाजपा नेताओं के लिए रसूलपुर जैसे ही बोर्ड लगाए गए हैं।

अमर उजाला, मुरादाबाद के मुताबिक किसान एकता जिंदाबाद का नारा लिखे इन बोर्डों पर मोटे अक्षरों में लिखा गया है कि बीजेपी के नेताओं का गांव में आना सख्त मना है। जान, माल और वाहन की सुरक्षा खुद पर होने की चेतावनी भी दी गई है। इसके नीचे लिखा है, सौजन्य से किसान एकता बागड़पुर जिला मुरादाबाद।

अमरोहा के ही एक अन्य गांव बाखरपुर माफी में भी इसी तरह का बोर्ड लगाया गया है। इससे पहले गांव में किसानों की बैठक हुई जिसमें भाजपा को किसान विरोधी बताते हुए लोकसभा चुनावों में सबक सिखाने की बात कही गई।

भाकियू की किसान क्रांति यात्रा के दौरान यूपी बॉर्डर पर पहुंचने पर प्रशासन ने किसानों को दिल्ली में घुसने नहीं दिया और निहत्थे किसानों पर पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले छोड़े थे। यही नहीं बल्कि लाठीचार्ज भी किया था। इससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। बास्टा क्षेत्र के गांव संसारपुर में किसान एकता मंच ने भाजपा के नेताओं का इस गांव में आना सख्त मना है जान माल की स्वयं रक्षा करें, गांव अहरौला में बीजेपी वालों का इस किसान गांव में आना सख्त मना है। निहत्थे किसानों पर लाठियां बरसाओगे और वोट मांगने भी हमारे ही गांव में आओगे का बोर्ड लगा दिया है। गांव वालों ने गांव में भाजपा के खिलाफ वॉल पेंटिग भी करा दी है। किसानों के विरोध से भाजपाइयों व प्रशासन में खलबली मच हुई है।