यूपी में फर्जी शिक्षकों की खोज में लगी योगी सरकार, सभी जिलों से मांगी गई रिपोर्ट

दरअसल मथुरा में एसटीएफ की टीम ने जुलाई में करीब 150 शिक्षकों को फर्जी दस्तावेज से नौकरी करते पकड़ा था. इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह फर्जी तरीके से नौकरी पाए शिक्षकों की सूचनाएं आने लगीं.

सूबे के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में फर्जी दस्तावेज से नौकरी कर रहे शिक्षकों पर जल्द गाज गिरेगी. इसे लेकर शासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है. इस मामले में ढिलाई बरतने पर शासन ने विभिन्न जिले के डीएम पर भी नाराजगी जाहिर की है. साथ ही उनसे इस मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है. दरअसल मथुरा में एसटीएफ की टीम ने जुलाई में करीब 150 शिक्षकों को फर्जी दस्तावेज से नौकरी करते पकड़ा था.

इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह फर्जी तरीके से नौकरी पाए शिक्षकों की सूचनाएं आने लगीं. मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डॉक्टर प्रभात कुमार ने 19 और 20 जुलाई को सभी जिले के डीएम को आदेश दिए थे. सभी डीएम को कहा गया था कि वह अपने निर्देशन में जांच समिति से ऐसे मामलों की जांच कराकर फर्जी शिक्षकों को चिन्हित कर कार्रवाई करते हुए शासन को अवगत कराएं. लेकिन जिलाधिकारियों ने मामले में लापरवाही बरती. अब एक बार फिर से अपर मुख्य सचिव ने सभी डीएम को पत्र भेजकर ऐसे शिक्षकों की सूचना मांगी हैं.

विभागीय सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बेसिक शिक्षा विभाग की बैठक में भी यह मुद्दा उठा. उसमें सीएम ने साफ कहा कि कोई भी फर्जी शिक्षक बचना नहीं चाहिए. उन्होंने फर्जीवाड़ा करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. इस मामले में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डॉक्टर प्रभात कुमार ने सभी बीएसए को भी पत्र भेजा है.

इसमें सभी बीएसए को निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसे शिक्षकों का ब्यौरा एसटीएफ और शासन को दें, जिन्होंने हाईस्कूल, इंटर, स्नातक, बीएड, बीटीसी आदि के प्रमाण पत्र की दूसरी प्रति लगाकर नौकरी हासिल की है. उन शिक्षकों का ब्यौरा देने के लिए भी कहा गया है जिन्होंने वित्त और लेखाधिकारी के यहां अपना पैन नंबर बदलवाया है. ऐसे शिक्षकों की सूची बनाकर 1 हफ्ते में देने के लिए कहा गया है.

जिलाधिकारियों से मांगी गई यह सूचना:

– उनके जिले में कितने फर्जी शिक्षक चिन्हित किए गए नाम सहित बताएं?
– कितने फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया?
– कितने फर्जी शिक्षकों को अब तक जेल भेजा जा चुका है?
– कितने फर्जी शिक्षकों से वेतन और भत्तों की वसूली की गई?
– फर्जी नियुक्ति के रैकेट में कितने कर्मचारी / दलाल चिन्हित किए गए?
– कितने कर्मचारियों / दलालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनको जेल भेजा गया?