भाजपा के संगठन मंत्री का आपत्तिजनक वीडियो वायरल, पार्टी में खलबली, बड़े नेताओं ने साधी चुप्पी

भाजपा के काशी और गोरखपुर क्षेत्र के संगठन मंत्री रत्नाकर का आपत्तिजनक वीडियो रविवार को दिनभर वायरल होने के बाद पार्टी में खलबली मच गई है। पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने मामले में अनभिज्ञता जताई है। भाजपा काशी क्षेत्र के प्रभारी और प्रदेश महामंत्री सलिल विश्नोई और काशी क्षेत्र अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसा कोई भी मामला उनके संज्ञान में नहीं है।

हाल ही में काशी के साथ-साथ गोरखपुर क्षेत्र के संगठन मंत्री का दायित्व देकर रत्नाकर का कद बढ़ाया गया था। उनको अगले प्रदेश संगठन मंत्री के तौर पर देखा जा रहा था। लेकिन सोशल मीडिया के जरिए वायरल वीडियो के बाद अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वीडियो भी बड़े नेताओं से लेकर निचले स्तर के कार्यकर्ताओं तक पहुंच गया है। इस बीच बड़े नेताओं ने पदाधिकारियों को अनावश्यक चर्चाएं न करने की हिदायत दी है।

मामले में संगठन मंत्री रत्नाकर ने कहा कि मेरे खिलाफ षड्यंत्र किया गया है। षड्यंत्र करने वालों के खिलाफ मैंने इलाहाबाद में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
तीन दिनों बाद भी वीडियो की जांच शुरू नहीं हुई
भाजपा काशी क्षेत्र के संगठन मंत्री का आपत्तिजनक वीडियो फेसबुक पर पोस्ट करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद भी विवेचना आगे नहीं बढ़ सकी है। इलाहाबाद के सिविल लाइंस थाना पुलिस का कहना है कि मामले में आईटी एक्ट की धाराएं भी लगी हैं, जिसके कारण साइबर सेल को जानकारी दी गई है। उनकी ओर से कुछ तथ्य मिलने के बाद विवेचना शुरू की जाएगी।

रत्नाकर भाजपा काशी और गोरखपुर क्षेत्र के संगठन मंत्री हैं। 11 अक्तूबर को फेसबुक पर उनका आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया गया था। इसकी जानकारी होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से एसएसपी से शिकायत की गई।
आरोपी समाजवादी पार्टी का पदाधिकारी!
उधर, अधिवक्ता सुशील मिश्रा ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। इसमें कहा गया कि सुशील त्रिवेदी नाम के व्यक्ति ने रत्नाकर की फोटो को एडिट व कांट-छांट करके एक महिला के साथ जोड़ते हुए कूटरचित तरीके से अश्लील फोटो व वीडियो क्लिपिंग बनाई। इसके बाद पार्टी व संगठन मंत्री को बदनाम करने की नीयत से सुबह नौ बजे अश्लील फोटो, क्लिपिंग व अभद्र स्टेटस अपने फेसबुक आईडी से पोस्ट करके शेयर किया।

तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि राजनैतिक विरोधी साजिश के तहत जानबूझकर शेयर कर रहे हैं, जिसमें उनकी भी मिलीभगत की बात सामने आ रही है। तहरीर में यह भी कहा गया है कि आईडी देखने से पता चला है कि आरोपी समाजवादी पार्टी का पदाधिकारी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उसी दिन एफआईआर दर्ज कर ली थी।

हालांकि, रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद भी पुलिस मामले में आगे नहीं बढ़ सकी है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस शिवमंगल सिंह ने बताया कि साइबर सेल को रिपोर्ट भेज दी गई है। वहां से कुछ तथ्य मिलते ही विवेचना शुरू की जाएगी।
विभाग प्रचारक से संगठन मंत्री बने रत्नाकर
लोकसभा चुनाव के दौरान 2014 में काशी क्षेत्र के संगठन मंत्री पद पर चंद्रशेखर थे। चुनाव के बाद उन्हें राजस्थान का प्रदेश संगठन मंत्री बना दिया गया। रत्नाकर को 2015 में काशी में विभाग प्रचारक से संगठन मंत्री पद पर भेजा गया था। 2017 का विधानसभा चुनाव इनकी देखरेख में हुआ था।