यूपी की स्कूली किताबों में धोखाधड़ी: डिजाइन कॉपी करके ऊंचे दाम पर किताब बेच रहे निजी प्रकाशक

एनसीईआरटी की यूपी बोर्ड की किताबों का बाजार में संकट है। ऐसे में उसकी नकल कर पुस्तकों को तीन से चार गुना कीमत पर बेचा जा रहा है। …
माध्यमिक स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। वहीं बाजार में एनसीईआरटी की पुस्तकों का संकट है। ऐसे में निजी प्रकाशकों ने अवैध धंधा शुरू कर दिया। उन्होंने सरकार द्वारा तय पाठ्यक्रम की पुस्तकों के कवर को कॉपी कर बाजार में उतार दिया है। साथ ही तीन से चार गुना दामों पर बेचकर खुलेआम वसूली भी कर रहे हैं।

संदीप पांडेय लखनऊ दैनिक जागरण की खबर के अनुसार सरकार ने छात्रों को राहत देने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में ‘एक समान पाठ्यक्रम’ लागू किया है। इसके लिए अप्रैल से शुरू हुए शैक्षिक सत्र में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पुस्तकें मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। मगर अफसरों ने शुरुआत में कुछ स्कूलों में स्टॉल लगवाकर पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने की पहल की। मगर चयनित प्रकाशक सात माह बाद भी छात्रों की संख्या के लिहाज से पुस्तकें उपलब्ध नहीं करा सके। ऐसे में निजी प्रकाशकों ने एनसीईआरटी बुक के कवर की डिजाइन कॉपी कर बाजार में पुस्तकें उतार दीं। यह पुस्तकें कक्षा नौ से 12 तक की हैं, जिन्हें छात्रों को तीन से चार गुना कीमत पर बेचा जा रहा है। स्थिति यह है कि कुछ पुस्तकों की डिजाइन एनसीईआरटी की हूबहू है, तो कई में मामूली बदलाव किया गया हैं।

कॉपी राइट का है उल्लंघन

विशेषज्ञों की मानें तो एनसीईआरटी की पुस्तकों के कवर की डिजाइन का प्रयोग करना कॉपी राइट का उल्लंघन हैं। साथ ही इस धोखाधड़ी का भी केस लागू होता है। माध्यमिक षष्ठ मंडल के संयुक्त निदेशक सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। यदि एनसीईआरटी किताब के कवर की डिजाइन कॉपी करके निजी प्रकाशक पुस्तक बेच रहे हैं तो यह बहुत गलत बात है। इस पर जो भी विभागीय कार्रवाई तय होगी वह की जाएगी।

इतिहास, विज्ञान सब गायब

11 वीं कक्षा की इतिहास, जीवविज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, नागरिक शास्त्र, भूगोल की एनसीईआरटी की पुस्तकें तीन माह से बाजार में संकट चल रहा है। वहीं कक्षा नौ की विज्ञान की पुस्तक नहीं है। कई बार पब्लिशर्स से संपर्क किया गया। मगर आपूर्ति नहीं की गई। ऐसे में छात्र निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें खरीदने को मजबूर हैं।

66 रुपये की पुस्तक 240 में

कक्षा 10 की हाईस्कूल की विज्ञान की पुस्तक एनसीईआरटी की 66 रुपये की है। वहीं निजी प्रकाशक 240.80 रुपये तक बेच रहे हैं। ऐसे ही 12वीं की भौतिक विभाग भाग-1 की पुस्तक 54 रुपये की किताब है, जबकि निजी प्रकाश की पुस्तक का 374 रुपये वसूले जा रहे हैं। वहीं किताब पर एनसीईआरटी द्वारा डिजाइन किया गया कवर प्रिंट कर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।