सुप्रीम कोर्ट: यूपी के टेट पास शिक्षामित्रों की उपचारात्मक याचिका पर सुनवाई जल्द

रबीअ बहार

सुप्रीम कोर्ट से 25 जुलाई 2017को समायोजन रद्द होने के बाद से शिक्षामित्र परेशान हैं। सभी टेट पास से लेकर बिना टीईटी शिक्षामित्र लगातार कोर्ट में लड़ रहे हैं। 30 जनवरी 2018 को पुनर्विचार याचिका खारिज हो जाने के बाद टेट पास शिक्षामित्रों के देवी लाल गोरखपुर के ग्रुप की ओर से 232 याचिकाकर्ताओं की ओर से जुलाई में उपचारात्मक याचिका दाखिल की गई थी।

इस याचिका पर जल्द ही तारीख लगने की उम्मीद है। याचिका सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया में आ चुकी है। उपचारात्मक याचिका सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों द्वारा अवलोकित की जाएगी और निर्णय दिया जाएगा।

शिक्षामित्रों ने टीईटी 2017 में हिस्सा लिया, लेकिन इस परीक्षा को पास करने के बाद उन्हें शिक्षक भर्ती परीक्षा भी देनी है। इस परीक्षा में पास होने पर प्राप्त अंक के आधार पर ही मेरिट बनेगी, जिसके बाद अध्यापक बनने की राह साफ होगी। शिक्षामित्रों का कहना है कि सरकार धोखा कर रही है। सरकार ने अभी तक शिक्षामित्रों के लिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है, जिससे शिक्षामित्रों को राहत मिल सके। गोरखपुर के टेट पास शिक्षामित्रों ने जुलाई 2018 में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल की है, इस याचिका से शिक्षामित्रों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जरूर है, लेकिन सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की राहत मिलने की उम्मीद शिक्षामित्र छोड़ चुके हैं।