यौन उत्पीड़न के मामले में आरके पचौरी के खिलाफ आरोप तय, 4 जनवरी से होगी सुनवाई

पचौरी ने कोर्ट के इस फैसले पर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है कि उनकी उम्र 78 साल है. वह जल्द से जल्द ट्रायल चाहते हैं, ताकि उनके खिलाफ चल रहे मीडिया ट्रायल बंद हों और सच्चाई सबके सामने आए

दिल्ली की हाईकोर्ट ने शनिवार को प्रसिद्ध पर्यावरणविद और टेरी (दी एनर्जी एंड रिसोर्सेस इंस्टीट्यूट) के प्रमुख आरके पचौरी के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न के मामले में आरोप तय कर दिए हैं. बीते 14 सितंबर को ही कोर्ट के आए इस फैसले में हुई सुनवाई के दौरान आगे के ट्रायल चार जनवरी से शुरू होने की बात कही गई है.

पचौरी ने कोर्ट के इस फैसले पर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है कि उनकी उम्र 78 साल है. वह जल्द से जल्द ट्रायल चाहते हैं, ताकि उनके खिलाफ चल रहे मीडिया ट्रायल बंद हों और सच्चाई सबके सामने आए. उन्होंने कहा कि मेरा परिवार एक बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहा है. पचौरी ने कोर्ट से फास्ट ट्रायल के लिए अपील भी की है.

बीते 14 सितंबर को हुई केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पचौरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न, बल प्रयोग, पीछा करना, अपशब्द का इस्तेमाल करने के लिए आईपीसी की धारा 354,354(ए), 509 और 354बी, 354(डी), 341 के तहत आरोप दर्ज किया था.

पचौरी के खिलाफ फरवरी 2015 में उनकी पूर्व सचिव ने यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था, लेकिन सबूत के अभाव में उसी साल मार्च में उन्हें कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी. बाद में अगले साल मार्च में दिल्ली पुलिस ने सबूतों के साथ दोबारा आरोप पत्र दायर किए.

कहा जा सकता है कि आज भले ही सोशल मीडिया की मदद से देशभर में मीटू अभियान चल रहा है, लेकिन आज से तीन साल पूर्व ही मीटू से जुड़ा यह सबसे पहला मामला लोगों के बीच उजागर हुआ था. मामले की पीड़िता फिलहाल कोर्ट की कार्रवाई से खुश है.