प्रसंगवश: देश में वाकई भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चल रही है मितरों! देखें कुछ सीन

सुलभ चतुर्वेदी

Sulabh Chaturvedi : सीन 1 – पी के मिश्रा (प्रिंसिपल सेक्रेटरी, pmo) राकेश अस्थाना की सीबीआई में नियुक्ति करते हैं। सीबीआई नम्बर 1 आलोक वर्मा इस नियुक्ति के विरुद्ध pmo को पत्र लिखते हैं।

सीन 2 – प्रधानमंत्री के सचिव भास्कर खुल्बे को कोयला घोटाले में अभियुक्त बनाने के लिए आलोक वर्मा प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखते हैं। राकेश अस्थाना इन्हीं भास्कर खुल्बे को गवाह बनाने के लिए pmo को लिखते हैं।

सीन 3 – सीबीआई नम्बर 1 आलोक वर्मा ने सीबीआई नम्बर 2 अधिकारी राकेश अस्थाना के विरुद्ध मोइन कुरैशी घूसकांड में FIR दर्ज की है। इसी FIR में समंत गोयल नाम के रॉ अधिकारी का भी नाम है।

सीन 4 – सीबीआई नम्बर 2 राकेश अस्थाना ने सीबीआई नम्बर 1 आलोक वर्मा के विरुद्ध विजिलेंस कमीशन में शिकायत दर्ज कराई है। जिसे आजकल चाणक्य नाम देकर चाणक्य की बेइज़्ज़ती की जा रही है, वह दरअसल तथाकथित चंद्रगुप्त है। असल चाणक्य राकेश अस्थाना हैं जो गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।

देश में वाकई भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चल रही है, मितरों!

सुलभ चतुर्वेदी की एफबी वॉल से.