सुप्रीम कोर्ट सुनेगा सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को हटाने का मामला, वर्मा ने की अपील स्वीकार

डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया है। सीबीआई की कमान फिलहाल नागेश्वर राव को दे दी गई है। यह भी खबर है कि सीबीआई में अस्थाना और वर्मा दोनों के दफ्तर सील कर दिए गए हैं। इसके खिलाफ सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ने अपने हटाये जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया है। इस बीच खबरें आ रही है कि सीबीआई हेडक्वार्टर को सील कर दिया गया है। इस बीच नागेश्वर राव को सीबीआई की कमान सौंपी गई है। डायरेक्टर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजा गया। स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को भी छुट्टी पर भेजा गया नागेश्वर राव को अंतरिम डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। नागेश्वर राव ने बुधवार सुबह ही अपना कार्यभार संभाला।

सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ने अपने हटाये जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उनकी याचिका को मंजूर कर के शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने को कहा है। इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई होगी।

नागेश्वर राव सीबीआई में संयुक्त निदेशक के तौर पर काम कर रहे थे। राव 1986 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और तेलंगाना के वारंगल जिले के रहने वाले हैं। केंद्र सरकार ने आलोक वर्मा की जगह नागेश्वर राव की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से कर दी है। खबरें हैं कि सीबीआई दफ्तर में भी छापेमारी की गई है और 10वें और 11वें फ्लोर को सील कर दिया गया है।इससे पहले मंगलवार को रिश्वत के आरोपों में फंसे सीबीआई के नंबर-2 अधिकारी राकेश अस्थाना को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली थी और इसी मामले में गिरफ्तार किए देवेंद्र कुमार को 7 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था।सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की तरफ से कार्रवाई के खिलाफ दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि वे पूरे आरोपों पर 29 अक्टूबर को जवाब दें। कोर्ट तब इस मामले में अस्थाना की गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी है और मामले में यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी के मोबाइल और लैपटॉप समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त करने को कहा है।
दूसरी ओर सीबीआई के गिरफ्तार उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) देवेंद्र कुमार ने खुद की गिरफ्तारी को हाई कोर्ट में चुनौती दी। अपनी अपील में देवेंद्र कुमार ने कहा कि उनका सर्विस रिकॉर्ड शानदार रहा है। देवेंद्र कुमार ने बताया कि वह मीट निर्यातक कारोबारी मोईन कुरैशी मामले की जांच में जुटे हैं और वह जल्द ही इस मामले से जुड़े कुछ तथ्यों को उजागर करने वाले थे और कई आरोपियों को गिरफ्तार करने वाले थे। इसी के चलते उन्हें साजिशन फंसाया गया है।वहीं दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट में देवेंद्र कुमार की पेशी के दौरान सीबीआई ने हिरासत में देने की मांग की। सीबीआई ने दलील दी कि उनके कार्यालय और आवास पर छापेमारी की गई, जिसमें छापेमारी के दौरान सीबीआई को अहम दस्तावेज और सबूत मिले हैं। डीएसपी देवेंद्र कुमार की 10 दिन की रिमांड मांगते हुए कहा कि सीबीआई ने कहा कि एजेंसी में जांच के नाम पर उगाही का धंधा चल रहा है।सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना से जुड़े रिश्वत मामले में कल सीबीआई के ही डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया था।