इलाहाबाद का नाम बदलने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती

उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। अधिवक्ता सुनीता शर्मा ने यह जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पक्षकार बनाया गया है।

याची के अधिवक्ता विजय चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया, ‘पहले ‘इला’ के नाम से ‘इलावास’ बसाया गया था, जिसे बाद में इलाहाबाद कहा जाने लगा। लोग सैकड़ों साल से प्रयाग को इलाहाबाद के नाम से जानते हैं।’ याचिका में अर्द्धकुंभ को कुंभ घोषित करने पर भी आपत्ति की गई है। 18 अक्टूबर 2018 को जारी की गई अधिसूचना को भी याचिका को चुनौती दी गई है। इसी अधिसूचना में राज्य सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम प्रयागराज घोषित किया गया था।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की मौजूदा योगी आदित्यनाथ सरकार ने 18 अक्टूबर को अधिसूचना जारी करके ऐलान किया था कि इलाहाबाद को अब प्रयागराज के नाम से जाना जाएगा। इस परिवर्तन के पीछे सरकार का तर्क था कि पहले इस शहर का नाम प्रयाग ही था, जिसे मुगल शासक अकबर द्वारा बदलकर इलाहाबाद कर दिया गया था।