शिक्षामित्रों के टेट पास करने में रोड़ा बनी बीएलओ ड्यूटी, शिक्षामित्रों में रोष

उत्तर प्रदेश के लगभग सवा लाख शिक्षामित्र टेट परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं ताकि किसी तरह उनकी शिक्षक बनने की अर्हता पूरी हो जाये। उनकी इस कोशिश में सब से बड़ी बाधा बनी है उनको सौंपी गई बीएलओ ड्यूटी। 18 नवंबर को टेट परीक्षा है और इसी दिन मतदाता पहचान पत्र विशेष अभियान दिवस भी रखा गया है। इसको लेकर शिक्षामित्रों में रोष है।

प्रदेश में लगभग 30 से 40 हज़ार शिक्षामित्र बीएलओ के कार्य मे लगे हैं। इन लोगों के सामने परिवार के साथ बीएलओ की ज़िम्मेदारी और टेट की तैयारी का तनाव है। चुनाव आयोग ने इस बीच नए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसके मुताबिक मतदाता पुनरीक्षण अभियान एक माह और बढ़ा दिया गया है। 18 नवंबर को “विशेष अभियान” दिवस तै किया है। चुनाव आयोग ने 30 नवंबर तक मतदाता पुनरीक्षण अभियान आगे बढ़ा दिया है।

18 नवंबर को ही टेट की परीक्षा का आयोजन होना है और इसी दिन बीएलओ को विशेष अभियान में भाग लेना अनिवार्य है। ऐसे में शिक्षामित्रों के सामने टेट परीक्षा में शामिल होने को लेकर संकट खड़ा हो गया है।

टेट परीक्षा की तैयारी कर रहे बरेली के मुहम्मद फैसल और गाज़ियाबाद ज़िले के विनोद गोला ने बताया कि “उनकी बीएलओ ड्यूटी लगी है ऐसे में हम लोग टेट की तैयारी में समय नहीं दे पा रहे है। पारिवारिक ज़िम्मेदारी के साथ स्कूल भी देखना होता है। अत्यधिक तनाव से बीमार हो गए हैं। सरकार हमारा शोषण और उत्पीड़न कर रही है। न तो पढ़ाई ही हो पा रही है और न परिवार देख पा रहे हैं। पिछले दिनों इसी तनाव के चलते कई शिक्षामित्र आत्महत्या तक कर चुके हैं।”