शाह शब्द फारसी है, संस्कृत नहीं, अमित शाह बदलें अपना नाम: इतिहासकार इरफान हबीब

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम कुछ दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बदला है। अपने इस कदम को योगी सरकार सही ठहरा रही है। सीएम योगी ने कहा है कि हमें जो ठीक लग रहा है हम कर रहे हैं।

देश के बीजेपी शासित राज्य में शहरों और इमारतों के नाम बदलने की होड़ सी मची हुई है। आए दिन कहीं न कहीं से जगहों के नाम बदलने की खबरें आ रही हैं।

देश में शहरों के नाम बदलने पर मशहूर इतिहासकार इरफान हबीब ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “अमित शाह के नाम में शाह फारसी शब्द है, यह संस्कृत से नहीं बना है। ऐसे में अगर बीजेपी ने शहरों के नाम बदलने का सिलसिला शुरू किया तो सबसे पहले उसे अपने नेताओं के नाम बदलने से ही शुरूआत करनी चाहिए।”

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम कुछ दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बदला है। अपने इस कदम को योगी सरकार सही ठहरा रही है। सीएम योगी ने कहा है कि हमें जो ठीक लग रहा है हम कर रहे हैं। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और शहरों, जगहों के नाम बदले जाएंगे। इनमें खास तर पर आगरा और मुजफ्फरनगर का नाम बदलने पर बीजेपी के नेता चर्चा कर रहे हैं।
रविवार को बीजेपी विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने कहा, “आगरा के नाम का कोई मतलब नहीं है अग्रवाल समुदाय के यहां बहुत से लोग रहते हैं। मैं सीएम से मिलकर इसका नाम बदलने के लिए बात करूंगा। 5 हजार साल पहले आगरा का नाम अग्रवान था।”इससे पहले बीजेपी नेता संगीत सोम ने बयान दिया था कि आने वाले दिनों में मुजफ्फरनगर का नाम भी बदला जाएगा। उन्होंने कहा था कि जिन जगहों के नाम मुगलों ने रखें थे उन्हें बदल दिया जाएगा।