राजिस्थान विधानसभा चुनाव: BJP की पहली लिस्ट में वंशवाद का जोर, लेकिन एक भी मुस्लिम कैंडिडेट नहीं

कांग्रेस को उसके वंशवाद पर नसीहतें देने वाली बीजेपी ने राजस्थान की अपनी पहली लिस्ट में वंशवाद को खूब बढ़ावा दिया है

भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में 131 कैंडिडेट्स को टिकट दिया गया है. जहां इस लिस्ट में 25 नए चेहरों को जगह मिली है. वहीं इस लिस्ट में भरपूर वंशवाद और परिवारवाद भी सामने आया है. यहां तक कि इस लिस्ट में दिवंगत नेताओं की संतानों को भी टिकट दिया गया है.

इस लिस्ट में एक फैक्टर ये भी सामने आया है कि पार्टी ने जिताऊ उम्मीदवार चुनने के चक्कर में उम्र की सीमा भी नजरअंदाज कर दी है.

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस को उसके वंशवाद पर नसीहतें देने वाली बीजेपी ने राजस्थान की अपनी पहली लिस्ट में वंशवाद को खूब बढ़ावा दिया है. प्रत्याशियों की पहली लिस्ट में जहां कई नेता पुत्रों के नाम शामिल हैं, वहीं दिवंगत नेताओं की संतानों को भी पार्टी ने टिकट से नवाजा है. एक नजर उन सीटों पर, जहां से नेताओं के पुत्रों या उनके रिश्तेदारों को टिकट मिला है-

– प्रतापगढ़ से मंत्री नंदलाल मीणा के पुत्र हेमंत मीणा को मिला टिकट

– पिलानी से विधायक सुंदरलाल की जगह उनके पुत्र कैलाश मेघवाल को मिला टिकट

– सादुलपुर से पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां को मिला टिकट. रामसिंह कस्वां के पुत्र राहुल कस्वां चुरू से हैं सांसद, पत्नी कमला कस्वां रह चुकी हैं विधायक.

– कोलायत सीट से देवीसिंह भाटी की पुत्रवधु पूनम कंवर को मिला टिकट.

– किशनगढ़ से विधायक भागीरथ चौधरी की जगह युवा चेहरे विकास चौधरी को टिकट.

– सादुलशहर से विधायक गुरजंट सिंह की जगह उनके पौत्र गुरवीर सिंह बराड़ को टिकट.

– जोधपुर से विधायक कैलाश भंसाली की जगह भतीजे अतुल भंसाली को टिकट.

– बामनवास से कुंजीलाल की जगह उनके पुत्र राजेंद्र मीणा को टिकट.

– बयाना से ऋषि बंसल की पत्नी ऋतु बनावत को टिकट.

– नसीराबाद सीट दिवंगत सांवरलाल जाट के पुत्र रामस्वरूप लांबा को मिला टिकट. लोकसभा उपचुनाव में रामस्वरूप लांबा की हुई थी हार.

– डीग-कुम्हेर सीट से दिवंगत डॉ. दिगंबर सिंह के पुत्र डॉ. शैलेष सिंह को मिला टिकट.

– मुंडावर से दिवंगत धर्मपाल चौधरी के पुत्र मंजीत चौधरी को टिकट.

साल 2013 में बीजेपी से 2 मुस्लिम विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. लेकिन इस बार पार्टी की पहली लिस्ट में एक भी मुस्लिम प्रत्याशी का नाम शामिल नहीं है, जिसके चलते यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी इस बार हिंदुत्व कार्ड खेलने जा रही है.

नागौर से पार्टी के विधायक हबीबुर्रहमान का जहां टिकट काट दिया गया है वहीं कैबिनेट मंत्र और डीडवाना विधायक यनूस खान का नाम भी पहली सूची में शामिल नहीं है.

उधर भले ही कुछ उम्रदराज विधायकों के टिकट काटे गए हों लेकिन जिताऊ उम्मीदवारों के मामले में उम्र के पैमाने को ताक पर ही रखा गया है. सूरसागर से सूर्यकांता व्यास, शाहपुरा से कैलाश मेघवाल, उदयपुर गुलाब चंद कटारिया और हनुमानगढ से डॉ. रामप्रताप समेत कुछ उम्रदराज प्रत्याशियों के नाम सूची में शामिल हैं. वहीं बाड़मेर से पार्टी ने सांसद कर्नल सोनाराम को अपना प्रत्याशी बनाया है. कर्नल सोनाराम सूची में एकमात्र ऐसे प्रत्याशी हैं जो वर्तमान में सांसद हैं. कर्नल सोनाराम को प्रत्याशी बनाकर पार्टी ने मारवाड़ में जाट कार्ड खेलने की कोशिश की है.

मानवेंद्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बीजेपी मारवाड़ में कर्नल सोनाराम के सहारे अपना दबदबा कायम करने की कोशिश कर रही है. पार्टी ने कुछ सीटों से हारे हुए उम्मीदवारों पर भी फिर से अपना भरोसा जताया है. पिछली बार चुनाव हारे सुमित गोदारा को लूणकरणसर, सतीश पूनिया को आमेर और बलबीर लूथरा को रायसिंहनगर से फिर से प्रत्याशी बनाया गया है. इसी तरह सादुलपुर से चुनाव हारी कमला कस्वां के पति रामसिंह कस्वां को पार्टी ने इस बार अपना प्रत्याशी बनाया है.