WHO की एडवाइजरी: 68.7% मिलावटी दूध से 2025 तक भारत की 87 फीसदी आबादी को हो जाएगा कैंसर!

सेहत अच्‍छी करने के लिए पिया जा रहा दूध (Milk) आपको बीमार भी बना सकता है. इस बात की जानकारी विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (World Health Organization) की तरफ से जारी एडवाइजरी में दी गई है. इस एडवाइजरी में उसने कहा है कि भारत में मिलने वाले दूध (Milk) में मिलावट है, जिससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है. वहीं FSSAI का कहना है कि भारत में बिकने वाला

ज्‍यादातर दूध तय मानकों से मेल नहीं खाता है.

FSSAI का खुलासा
देश में बिकने वाला 68.7 फीसदी दूध और दूध से बना प्रोडक्ट मिलावटी है. यह फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की ओर से तय मानकों से कहीं भी मेल नहीं खाता है. यह जानकारी एनीमल वेलफेयर बोर्ड के सदस्य मोहन सिंह अहलूवालिया ने दी.

खपत से 68% कम होता है उत्पादन

साइंस एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री के एक बयान का हवाला देते हुए अहलूवालिया ने कहा कि मिलावट वाले करीब 89 फीसदी प्रोडक्ट में एक या दो तरह की मिलावट होती है. उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2018 देश में दूध का कुल उत्पादन 14.68 करोड़ लीटर रोजाना रिकॉर्ड किया गया, जबकि देश में दूध की प्रति व्यक्ति खपत 480 ग्राम प्रति दिन ठहरती है. सीधे तौर पर यह गैप करीब 68 फीसदी का ठहरता है.

उत्तरी राज्यों में मिलावट के ज्यादा मामले

अहलूवालिया के मुताबिक, दक्षिणी राज्यों के मुकाबले उत्तरी राज्यों में दूध में मिलावट के ज्यादा मामले सामने आए हैं. दूध में मिलावट को लेकर कुछ साल पहे देश में एक सर्वे हुआ था. इसमें पाया गया कि दूध को पैक करते वक्त सफाई और स्वच्छता दोनों से खिलवाड़ किया जा रहा है.

दूध में डिटर्जेंट की मिलावट

दूध में डिटर्जेंट की सीधे तौर पर मिलावट पाई गई है. अहलूवालिया के मुताबिक, यह मिलावट सीधे तौर पर लोगों की सेहत के लिए खतरा है. इसके चलते उपभोक्ताओं के शारीरिक अंग काम करना बंद कर सकते हैं.

2025 तक 87 फीसदी आबादी को हो जाएगा कैंसर

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दूध में मिलावट के खिलाफ हाल में भारत सरकार के लिए एडवायजरी जारी की थी. इसमें कहा गया कि अगर दूध औ दूध से बने प्रोडक्ट में मिलावट पर लगाम नहीं लगाई गई तो देश की करीब 87 फीसदी आबादी 2025 तक कैंसर जैसी खतरनाक और जानलेवा बीमारी का शिकार हो सकती है.