आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को नागपुर कोर्ट में हाजिर होने का आदेश, रैली में पुलिस की शर्तों के उल्लंघन का आरोप

याचिकाकर्ता ने बताया कि 7 जून को नागपुर के आरएसएस मुख्यालय में आयोजित रैली में पुलिस ने बिना हथियार पथ संचालन का आयोजन करने की इजाजत दी थी। इस रैली में करीब 700 स्वयंसेवक लाठियों के साथ शामिल हुए, यह इजाजत की शर्तों का उल्लंघन था।

महाराष्ट्र के नागपुर की सेशन कोर्ट ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को नोटिस जारी किया है। नोटिस में मोहन भागवत को 11 दिसंबर को अदालत में हाजिर होने के लिए कहा गया है। आरोप है कि पुलिस की इजाजत की शर्तों का उल्लंघन करते हुए आरएसएस के एक कार्यक्रम में लाठियों का प्रदर्शन किया गया। इसी साल 7 जून को नागपुर में आरएसएस मुख्यालय पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।नागपुर के रहने वाले याचिकाकर्ता की शिकायत को एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसके बाद वह सेशन कोर्ट पहुंचा था।

अंग्रेजी अखबार टेलिग्राफ में छपी रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ता मोहनीश जीवनलाल जबलपुरी ने बताया, “पुलिस ने बिना हथियार पथ संचालन का आयोजन करने की इजाजत दी थी। इस रैली में करीब 700 स्वयंसेवक लाठियों के साथ शामिल हुए और यह इजाजत की शर्तों का उल्लंघन था।”

सेशन कोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए इसे लेकर आरएसएस से सवाल भी पूछें हैं और आरएसएस प्रमुख को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश भी दिया है।