सीबीआई मामला: अभी फोन टेपिंग से और भी बड़े खुलासे होंगे?

सीबीआई अधिकारी सिन्हा की याचिका से पता चला है कि जांच एजेंसी के अफसरों की फोन टेपिंग ने कई ऐसे लोगों का नाम उजागर कर दिया है, जो बड़े पैमाने पर सीबीआई के कामकाज को प्रभावित करने में लगे थे। मोईन कुरैशी मामले में भ्रष्टाचार के आरोपी मनोज और सोमेश के साथ जिन लोगों की बातचीत हुई थी, उसमें कथित तौर पर देश के टॉप नौकरशाह, पीएमओ के अफसर और केंद्रीय मंत्रियों का नाम सामने आया है। साथ ही जांच एवं ख़ुफ़िया एजेंसियों के बड़े अफसरों की पोल खुलती जा रही है।

amarujala.com की खबर के मुताबिक अभी तक जो कॉल डिटेल मौजूद हैं, उसमें रॉ के स्पेशल सचिव, सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना और पीएमओ व एनएसए के एक अधिकारी का नाम भी सामने आया है। फोन टेपिंग मामलों में यह बात सार्वजनिक हुई है कि मंत्री और दूसरे कई प्रभावशाली अधिकारी किस तरह से सीबीआई को अपनी अंगुली पर नचाते हैं। मोईन कुरैशी मामले में एमके सिन्हा ने तो सीधे तौर पर एक केंद्रीय मंत्री का नाम सामने ला दिया है। सीडीआर रिपोर्ट में कथित रूप से मंत्री पर केस में राहत दिलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है।

जल्द आ सकती है फोन रिकॉर्डिंग की एक नई फाइल…

सीबीआई प्रकरण से जुड़े एक अघिकारी का दावा है कि अभी तक अदालत या मीडिया के पास जो भी सबूत हैं, उनसे कहीं ज्यादा प्रभावी एक नई फोन रिकॉर्डिंग फाइल जल्द बाहर आ सकती है। इस फाइल की जानकारी सीबीआई में निदेशक स्तर के एक अधिकारी, डीआईजी व दो डीएसपी एवं देश के दो बड़े वकीलों के पास भी है।

इस फाइल में वे सब बातें रिकॉर्ड हैं, जिसमें रॉ, सीबीआई, एनएसए और डीओपीटी के तीन अधिकारी आपस में बातचीत करते हैं। इस बातचीत के दौरान कई ऐसे लोगों का नाम लिया गया है, जो देश में बड़े पदों पर काम कर रहे हैं। आपसी बातचीत में अफ़सर ये कह रहे हैं कि सरकार में वर्मा और अस्थाना के साथ कौन- कौन है। पीएमओ और एनएसए में किसने अस्थाना का समर्थन किया है।