आतंकवादी साज़िश के आरोपी कर्नल पुरोहित को नहीं मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से किया इनकार

2008 मालेगांव बम धमाका मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने ट्रायल रोकने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये केस हाईकोर्ट में लंबित है और मुंबई हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई 21 नवंबर को करेगा।
मालेगांव बम धमाका मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है और कहा कि यह केस हाईकोर्ट में लंबित है। बॉम्बे हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई 21 नवंबर को करेगा। इसलिए कोर्ट इस मामले में दखल नहीं करेगा।

Supreme Court asks Bombay High Court to hear on November 21, Lt Col Prasad Shrikant Purohit’s plea challenging the validity of the prosecution sanction for his trial under the Unlawful Activities Prevention Act (UAPA).

— ANI (@ANI) November 19, 2018

इससे पहले मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने कर्नल पुरोहित द्वारा दायर की गई उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्‍होंने मालेगांव ब्‍लास्‍ट मामले से यूएपीए को हटाने की मांग की थी। कर्नल पुरोहित ने कोर्ट में याचिका कर मांग की थी कि उनके खिलाफ चल रहे मालेगांव ब्लास्ट केस से यूएपीए यानी अनलाफुल एक्टिवीटिज (प्रिवेंशन) एक्ट की धारा को हटाया जाए। कर्नल पुरोहित का दावा था कि उनके खिलाफ लगाई गई यूएपीए की धारा वैध नहीं है। इस धारा को केस में गलत तरीके से जोड़ा गया है। हालांकि कोर्ट ने केस में लगे यूपीए की धारा को वैध मानते हुए कर्नल पुरोहित की याचिका खारिज कर दी थी।

गौरतलब है कि 2008 मालेगांव बम धमाके के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित ने विशेष अदालत के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत उनके विरुद्ध सुनवाई के लिए अभियोजन मंजूरी के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज किए जाने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।बता दें कि मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकल पर रखी गई विस्फोटक सामग्री में विस्फोट होने से 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हो गए थे।