छत्तीसगढ़ चुनाव में धांधली की कोशिश: हेडमास्टर के घर से मिलीं ईवीएम, पैसे बांटता बीजेपी नेता कैमरे में कैद

कई जगहों पर ईवीएम में खराबी की भारी शिकायतें

ईवीएम खराब होने की वजह से लोग दे नहीं पा रहे हैं वोट

कांग्रेस ने ईवीएम टैम्परिंग का लगाया आरोप

छत्तीसगढ़ में क्या बीजेपी सरकार स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर चुनावों में धांधली करने की साजिश रच रही है? क्या बीजेपी को खिसकती जमीन का एहसास हो गया है, इसीलिए मतदाताओं को रिझाने के लिए नोट बांटे जा रहे हैं? यही दोनों मुद्दे औरआचार संहिता उल्लंघन के मामलों की कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की है।कांग्रेस ने मंगलवार को चुनाव आयोग को दी लिखित शिकायत में साफ कहा है कि बीचते 24 घंटों के दौरान दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनसे साबित होता है कि छत्तीसगढ़ में दूसरे दौर के मतदान में धांधली की साजिश रची जा रही है और मतदाताओं को रिझाने के लिए गैर कानूनी तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कहा है कि छत्तीसगढ़ की सामरी विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार लोगों को नकद पैसे बांटते देखे गए हैं, जो कि जनप्रतिनिधि कानून 1951 के तहत बुनियादी भ्रष्टाचार के दायरे में आता है। कांग्रेस ने इस घटना का वीडियो भी चुनाव आयोग को उपलब्ध कराया है।कांग्रेस ने एक अन्य मामले को उजागर करते हुए आयोग को बताया है कि छत्तीसगढ़ की ही महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चिरमिरी इलाके में एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर के घर से ईवीएम बरामद हुई हैं। जिस हेडमास्टर के घर से ईवीएम मिली हैं उसका नाम वेद प्रकाश है मिश्रा है और वह चिरमिरी के सरकारी हाईस्कूल का हेडमास्टर है। इस मामले की भी वीडियो कांग्रेस ने आयोग के सामने पेश की है।

कांग्रेस ने कहा है कि इन दोनों मामलों से साफ है कि छत्तीसगढ़ चुनावों को प्रभावित करने की बड़े पैमाने पर कोशिश हो रही है। कांग्रेस ने मतदाताओं को पैसे बांटने वाले बीजेपी प्रत्याशी की उम्मीदवारी रद्द करने की आयोग से अपील की है।कांग्रेस ने कहा है कि एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर के घर से ईवीएम बरामद होना बेहद गंभीर मामला है, क्योंकि आयोग खुद ही कहता रहा है कि ईवीएम पर न तो शक किया जा सकता है और न ही ये किसी निजी व्यक्ति के पास हो सकती हैं।कांग्रेस नेता पी एल पूनिया और मीम अफज़ल की तरफ चुनाव आयोग में दाखिल ज्ञापन में कांग्रेस ने इन दोनों मामलों का संज्ञान लेकर तुरंत कार्यवाही करने की अपील की है।

इसके अलावा कांग्रेस नेता पी एल पूनिया ने एक और ज्ञापन भी दिया है, जिसमें चुनाव प्रचार की समयसीमा खत्म होने के बाद भी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा रायपुर में रोड शो किए जाने की शिकायत करते हुए इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया गया है। इस शिकायत में कहा गया है कि अमित शाह का रोड न सिर्फ प्रचार की समयसीमा खत्म होने के बाद किया गया, बल्कि इसके लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमित भी नहीं ली गई थी।कांग्रेस ने इस शिकायत के आधार पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और रायपुर से बीजेपी के चारों उम्मीदवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
मड़वा गांव में एक भी व्यक्ति ने वोट नहीं डाला है. चुनाव का बहिष्कार करने वाले ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार भूमि अधिग्रहण कर रही है लेकिन बदले में रोजगार नहीं दिया जा रहा है. जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले मंड़वा गांव के लोगों का कहना है कि बुनियादी जरुरतों की कमी के चलते मतदान नहीं किया जा रहा है.