अयोध्या में 1992 जैसा हाल, डरे-सहमे लोग जमा कर रहे अतिरिक्त राशन, शहर में CRPF, PAC के जवान तैनात

सूत्रों के मुताबिक, विवादित स्थल के भीतरी और बाहरी घेरे में भारी सुरक्षाबल मुस्तैद किया गया है।

जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक अयोध्या में गुरुवार को विहिप कार्यकर्ता ने रैली निकाली, जबकि मुंबई से राम की नगर को जाने वाली विहिप कार्यकर्ताओं से भरी ट्रेन के आगे ध्वज लहराते शिवसेना कार्यकर्ता।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की रविवार (25 नवंबर) को होने वाली विशाल धर्म सभा से पहले शहर में साल 1992 जैसा माहौल पनप गया है। ‘टीओआई’ की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार (22 नवंबर) को वहां जुलूस निकाले, जिससे इलाके में डर का साया मंडरा गया और लोग सहमे हुए हैं। वे इलाके में हालात बिगड़ने की आशंका में अभी से अतिरिक्त राशन जमा करने लगे। यही कारण है कि शहर में सुरक्षा के इंतजामात भी चाक-चौबंद कर दिए गए हैं। जगह-जगह सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ), यूपी प्रोविंशियल आर्म्ड कॉन्स्टाबुलरी (पीएसी) और पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवादित स्थल के आसपास यथास्थिति का किसी भी हालत में उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर कितने जवान तैनात किए गए हैं? अधिकारियों ने इससे जुड़े स्पष्ट आंकड़े तो नहीं बताए। पर सूत्रों ने बताया कि विवादित स्थल के भीतरी और बाहरी घेरे में भारी सुरक्षाबल मुस्तैद किया गया है।

फैजाबाद के डिविजनल कमिशनर मनोज मिश्रा ने अखबार से कहा, “सिर्फ दर्शन करने वालों को ही उस परिसर (जहां रामलला विराजमान हैं) में जाने दिया जाएगा।” पर स्थानीय व्यापारियों को आशंका है कि इस धर्मसभा के जरिए कहीं छह दिसंबर 1992 जैसे हालात न दोबारा पनप जाएंगे। यही कारण है कि उन्होंने विहिप की इस सभा का विरोध करने का निर्णय किया है। वे महाराष्ट्र से आ रहे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को काला झंडा दिखा कर विरोध जताएंगे।

वहीं, विहिप नेता भोलेंद्र सिंह बोले, “हिंदू-मुस्लिम परिवार डरे-सहमे हैं। वे इसी के चलते अभी से अतिरिक्त राशन जुटा रहे हैं।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भले ही शहर में धारा 144 लागू हो, मगर वह विहिप को गुरुवार को जुलूस करने से रोक न सकी। यह जुलूस बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने निकाला था, जो घटना के दौरान जोर-जोर से ‘राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ के नारे लगा रहे थे। यह जुलूस मुस्लिम बहुल इलाकों से होते हुए निकला था।