अयोध्या में सेना की तैनाती की मांग पर अखिलेश को मिला योगी के मंत्री का साथ

अपने बयानों से हमेशा चर्चा में रहने वाले ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की उस मांग का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या में सेना की तैनाती की मांग की थी

अपने बयानों से हमेशा चर्चा में रहने वाले उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव समाज पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की उस मांग का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या में सेना की तैनाती की मांग की थी.

ओपी राजभर ने शनिवार को कहा कि मैं अखिलेश के बयान का समर्थन करता हूं. अयोध्या में धारा 144 लागू है और अभी भी प्रशासन लोगों को इकट्ठा होने दे रहा है. इसका मतलब हुआ कि वो फेल हो गए हैं. यहां पर आर्मी को बुलाना चाहिए.

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I welcome Akhilesh’s statement. Section 144 is imposed in Ayodhya, yet the administration is letting people gather there, it means they have failed. The army should be brought: UP Minister O P Rajbhar on Akhilesh Yadav’s statement that army should be brought in Ayodhya

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Chief Minister (UP CM) is interested in election campaigning when section 144 is imposed in Faizabad (Ayodhya). The kind of crowd that has gathered there… its responsibility will lie with the Chief Minister: UP Minister O P Rajbhar pic.twitter.com/N9z1wQI3H1

उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा. राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं और अयोध्या में धारा 144 लागू है. जिस तरह के लोग यहां आ रहे हैं… इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री पर ही होगी.

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर लगातार आ रहे बयानों और वीएचपी-शिवसेना के कार्यक्रमों को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि बीजेपी को न तो सुप्रीम कोर्ट में विश्वास है और न ही संविधान में. बीजेपी किसी भी हद तक जा सकती है. उत्तर प्रदेश में खासकर अयोध्या में माहौल जिस प्रकार है, सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान लेना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो सेना भेजनी चाहिए.

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर शनिवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंच रहे हैं. इसके अलावा रविवार को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने धर्म सभा का आयोजन किया है. खबर आ रही है कि इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता यहां पहुंच रहे हैं. प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं और शहर को किले में बदल दिया गया है.