68500 भर्ती केस: सीबीआई को कोर्ट ने दिया जांच रिपोर्ट जमा करने का समय, सरकार की जांच रुकवाने की अर्जी भी 5 दिसंबर तक टाली

उत्तर प्रदेश में 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती मामले की जांच में हाईकोर्ट ने सीबीआई को प्रोग्रेस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय दे दिया है. अब 10 दिसंबर तक सीबीआई मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में प्रोग्रेस रिपोर्ट दाखिल करेगी. वहीं आज हुई सुनवाई में आज लखनऊ पीठ में कोर्ट न0-1 की डबल बेंच में सीबीआई जांच के विरुद्ध सरकार द्वारा फ़ाइल स्पेशल अपील की सुनवाई हुई।

पैरवीकार रिज़वान अंसारी ने बताया कि सरकार की तरफ से आज एडवोकेट जनरल ने बहस की। एडवोकेट जनरल ने 68500 में सीबीआई जांच पर स्टे मांगने का भरपूर प्रयास किया।

सरकार की ओर से दलील दी गयी कि याचियो की अपील में सीबीआई जांच की प्रेयर ही नही है। जिस पर याचिकाकर्ताओ द्वारा विरोध करते हुए बताया गया किसीबीआई जांच की प्रेयर,सभी फ़र्ज़ीवाडो के साक्ष्य, 6127 आरक्षण विरोधी चयन याचिका “प्रदीप कुमार पांडेय बनाम उत्तर प्रदेश सरकार” में दर्ज है।

प्रदीप कुमार पांडेय नाम की याचिका टीम की तरफ से अधिवक्ता अमित भदौरिया द्वारा फ़ाइल की गई थी।

कोर्ट AG की दलीलों से बिल्कुल संतुष्ट नही हुई। और न ही सीबीआई जांच पर कोई स्टे दिया। सरकार कल ही इसकी डेट लगाने का दम मारती रही। लेकिन कोर्ट ने इसकी अगली सुनवाई 5 दिसम्बर नियत की।

दरअसल सोमवार 26 नवंबर को सीबीआई को मामले में प्रोग्रेस रिपोट दाखिल करनी थी. लेकिन अब कोर्ट ने थोड़ा और समय दे दिया है. इस परीक्षा में बार कोर्ड के बावजूद उत्तर पुस्तिकाएं बदलने, सही जवाबों पर भी अभ्यर्थी को नंबर नहीं देने और कम नंबर देने वाले को चुनने आदि के आरोप लगे थे. मामले में सुनवाई करते हुए एक नवंबर को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सीबीआई को जांच सौंप दी थी.

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बता दें इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 1 नवंबर को उत्तर प्रदेश में 68,500 बेसिक शिक्षक भर्ती की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं. मामले में हाईकोर्ट ने 26 नवम्बर तक सीबीआई से मांगी मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट तलब की थी. वहीं 6 महीने में सीबीआई के जांच पूरी करने के आदेश दिया है. बता दें भर्तियों में गड़बड़ी से संबंधित कई याचिकाएं हाईकोर्ट में पड़ी हैं. जस्टिस इरशाद अली ने मामले में ये आदेश दिया है.