राजस्‍थान कैडर के आईएएस सुनील अरोड़ा होंगे देश के मुख्य चुनाव आयुक्त, नीरा राडिया टेप में आ चुका है नाम

सुनील अरोड़ा का मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर कार्यकाल करीब ढाई साल का रहेगा और 2019 लोकसभा चुनाव उन्हीं की देख-रेख में संपन्न कराया जाएगा।

जनसत्ता के अनुसार राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी रहे सुनील अरोड़ा देश के अगले ‘मुख्य चुनाव आयुक्त’ (Chief Election Commissioner) होंगे। सुनील अरोड़ा निवर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत का स्थान लेंगे। बता दें कि ओपी रावत एक दिसंबर, 2018 को अपने पद से रिटायर हो रहे हैं। जिसके बाद 2 दिसंबर, 2018 को सुनील अरोड़ा देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभालेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर सुनील अरोड़ा की नियुक्ति को अपनी मंजूरी दे दी है। सुनील अरोड़ा राजस्थान कैडर के 1980 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सुनील अरोड़ा का मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर कार्यकाल करीब ढाई साल का रहेगा और 2019 लोकसभा चुनाव उन्हीं की देख-रेख में संपन्न कराया जाएगा।

सुनील अरोड़ा की सितंबर, 2017 में चुनाव आयुक्त के तौर पर नियुक्ति की गई थी। इससे पहले वह केन्द्र सरकार और राजस्थान सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में बतौर सचिव और स्किल डेवलेपमेंट एंड एंन्टरप्रेन्योरशिप मंत्रालय में भी बतौर सचिव अपनी सेवाएं दे चुके हैं। नए मुख्य चुनाव आयुक्त इंडियन एयरलाइंस में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर का पद भी संभाल चुके हैं। इनके अलावा सुनील अरोड़ा राजस्थान में धोलपुर, अलवर, नागौर और जोधपुर आदि जिलों में भी कई अहम पदों पर रह चुके हैं।

IAS अधिकारी सुनील अरोड़ा साल 1993-1998 तक राजस्थान के सचिव और साल 2005-2008 तक राजस्थान के प्रधान सचिव भी रह चुके हैं। सुनील अरोड़ा अप्रैल, 2016 में रिटायर हो गए थे। इसके बाद उन्हें प्रसार भारती में बतौर सलाहकार और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स का डायरेक्टर जनरल और सीईओ भी नियुक्त किया गया। बता दें कि सुनील अरोड़ा का नाम विवादों में भी आ चुका है। दरअसल कुछ साल पहले सुनील अरोड़ा का नाम नीरा राडिया टेप में सामने आया था। जिसमें सुनील अरोड़ा, कथित तौर पर नीरा राडिया से बात करते हुए सुनाई दे रहे थे। इस बातची में दोनों लोग न्यायपालिका में कथित भ्रष्टाचार को लेकर बात कर रहे थे। सुनील अरोड़ा ने नीरा राडिया को बातचीत के दौरान बताया था कि एक तत्कालीन जज ने रियल एस्टेट के एक मामले में 9 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी। बहरहाल इस टेप के सामने आने पर काफी हंगामा हुआ था।