फेक फोटो को ‘धर्म संसद’ की बताकर लोगों को किया जा रहा गुमराह

सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग भगवा झंडा लहराते दिख रहे हैं. इन वायरल तस्वीरों के जरिए दावा किया जा रहा है कि यह भीड़ विश्‍व हिंदू परिषद और दक्षिणपंथी संगठनों की तरफ से 25 नवंबर को हुए अयोध्या में धर्म संसद की है.

इन तस्वीरों को मिशन राम मंदिर में अपने 100 मित्रों को जोड़े जैसे कई फेसबुक ग्रुप पर शेयर किया जा रहा है.इस तरह की तस्वीरों को फेसबुक और वॉट्सऐप ग्रुप पर शेयर किया जा रहा, साथ ही बड़ी संख्या में लोग व्यक्तिगत स्तर पर भी इन तस्वीरों को खूब शेयर कर रहे हैं.

वायरल तस्वीरों में कितनी सच्चाई है?

वायरल होती तस्वीरों की जब पड़ताल की गई, तो पता चला कि यह तस्वीरें 2017 में हुए मराठा क्रांति मोर्चा रैली की हैं. अब इन तस्वीरों को अयोध्या के धर्म सभा की बता कर वायरल की जा रही है.गूगल पर भी यह तस्वीर मराठा क्रांति मोर्चा के नाम से मिल जाएगी. इसके अलावा यह तस्वीर मिड-डे और अमर उजाला जैसे कई अखबारों में कई बार छप चुकी है.मराठा क्रांति मोर्चा की तस्वीर, जो 2017 में छपी थी, उसे आज अयोध्या की बता कर वायरल की जा रही है.

क्या हुआ है अयोध्या में

अयोध्या में बीते रविवार को विश्व हिंदू परिषद की तरफ से धर्म सभा की गई. धर्म सभा में कहा गया कि राम मंदिर का निर्माण हर हाल में कराया जाएगा.ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार अयोध्या मामले पर अध्‍यादेश ला सकती है. Courtesy: the Quint