काशी धर्म संसद: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- मोदी गंगा मां के पुत्र नहीं कुपुत्र हैं, ये उनके आचरण से सिद्ध हो जाता है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हमला करते हुए उन्हें गंगा मां का कुपुत्र बताया है।

जनसत्ता ऑनलाइन के अनुसार काशी धर्म संसद में हुई चर्चा में संत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से खुश नहीं नजर आ रहे हैं। ऐसे में गंगा का मुद्दा उठाते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पीएम मोदी पर हमला किया और कहा कि मोदी जी अपने आप को गंगा जी का पुत्र कहते हैं लेकिन वो गंगा मां के पुत्र नहीं कुपुत्र हैं।

क्या है पूरा मामला
दरअसल 3 दिनों तक चलने वाली काशी धर्म संसद में चारों पीठों के शंकराचार्य के प्रतिनिध समेत देश-विदेश के कई साधु-संत शामिल हुए। इस संसद में कई मुद्दों पर अहम बातचीत हुई जिसमें साधु-संत पीएम मोदी से खुश नहीं नजर आए। ऐसे में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘माता कभी कुमाता नहीं होती, लेकिन पुत्र कभी कभी कुपुत्र हो जाता है। तो पुत्र तो हैं वो (पीएम मोदी) क्योंकि वो खुद को कहते हैं कि मैं गंगा मां का पुत्र हूं तो हम इसे कैसे खारिज कर दें कि वो पुत्र नहीं हैं। लेकिन उनके आचरण से ये सिद्ध हो जाता है कि वो गंगा माता के सुपुत्र नहीं बल्कि कुपुत्र हैं। क्योंकि उन्होंने गंगा मां के नाम पर सत्ता हासिल की और गंगा माता की कोई सुध नहीं ली। यहां तक कि काशी में आकर कभी गंगा में उन्होंने कभी स्नान भी नहीं किया। इसके साथ ही जब वो फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ काशी आए थे तो वो जूता पहने हुए सीधे रैंप पर से नाव में चढ़ गए थे और यात्रा करके सीधा उतर गए थे। उन्होंने गंगा मां को प्रणाम तक नहीं किया।

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#वाराणसी : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पीएम @narendramodi को बताया कुपुत्र. @BJP4India

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4:19 PM – Nov 28, 2018

राम मंदिर पर भी मोदी सरकार को घेरा
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सिर्फ गंगा मां का मुद्दा ही नहीं बल्कि राम मंदिर का मुद्दा भी उठाकर मोदी सरकार पर हमला किया और कहा कि राम मंदिर को लेकर लगातार वो सिर्फ राजनीति कर रहे हैं और उनका मंदिर निर्माण का कोई इरादा नहीं है। इसके साथ ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे राम मंदिर के मुद्दे पर कहा कि राम मंदिर के मुद्दे में राजनीतिक दलों के साथ साथ न्याययालय को भी इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। अयोध्या में राम मंदिर बनाना मुद्दा नहीं है बल्कि जन्मभूमि मुद्दा है और राम जन्मभूमि हिंदुओं की है।
 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दागा सवाल
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब राम जन्म भूमि की 67 एकड़ जमीन पहले से ही सरकार के पास है तो फिर किस चीज का अध्यादेश लाना है। अध्यादेश लाने की बात तब सही होती अगर 67 एकड़ जमीन किसी और के पास होती तो।