बुलंदशहर हिंसा: गौ गुंडों ने दादरी हत्याकांड की जांच से जुड़े अफसर की हत्या की

गोकशी पर कार्रवाई न होने से लोग पुलिस से नाराज थे : भाजपा सासंद
बदमाशों ने पुलिस चौकी में आग लगाई, 20 वाहन फूंके

हिन्दी पट्टी में चल रहे चुनावों और भाजपा की कथित खराब हालत तथा ईवीएम से छेड़छाड़ की कोशिशें पकड़े जाने की खबरों के बीच भाजपा शासित एक और हिन्दी राज्य, दिल्ली से कोई 130 किलोमीटर दूर, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोहत्या की अफवाह पर भड़की भीड़ ने पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। एक और युवक सुमित कुमार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई। सुबोध कुमार सिंह 2015 में दिल्ली के पास दादरी में गोकशी के शक में मारे गए अखलाक की हत्या की जांच से जुड़े थे। इस हिंसा में कुल 15 लोग घायल हुए हैं। इनमें सीओ समेत आठ पुलिस वाले हैं। पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

गोहत्या की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच कर कार्रवाई कर रही थी पर हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीण अवशेष को लेर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अवशेष भर जाम लगाने पहुंच गए। इनलोगों ने बुलंदशहर-गढ़ हाईवे जाम कर दिया। पुलिस पर तबलीगी इज्तमा से लौट रहे लोगों के लिए रास्ता खुलवाने का दबाव था। डर था कि सड़क जाम होने से सांप्रदायिक तनाव न फैल जाए। इसलिए लाठी चार्ज किया गया पर फोर्स कम थी और ग्रामीण पुलिस पर हावी हो गए। गोलियां भी चलाई। यहां तक कि गोली लगने से गिर जाने के बाद भी भी इंपेक्टर सुबोध कुमार सिंह को पीटती रही। तबलीगी इज्तमा से लौट रहे लोगों को रास्ते में रोक कर शाम तक जाने दिया गया।

करीब 400 लोगों की यह भीड़ कुछ भी सुनने समझने को तैयार नहीं थी। दूसरी ओर अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई लेकिन उसमें समय लगा। इस बीच बुलंदशहर के भाजपा सांसद ने कहा है कि गोकशी पर कार्रवाई न होने से लोग पुलिस से नाराज हैं। सांसद डॉ भोला सिंह ने कहा है कि इलाके में गोकशी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस वजह से लोगों में पुलिस के प्रति नाराजगी है।
साभार: वरिष्ठ पत्रकार और अनुवादक संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट।