चौकीदार ने सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायमूर्ति को कोर्ट-पुतली बना लिया था: नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी का तंज

राहुल की यह टिप्पणी उस ट्वीट के रीट्वीट के तौर पर आई, जिसमें सेवानिवृत्त जज कुरियन जोसेफ के आरोप का हवाला दिया गया था।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि चौकीदार ने सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायमूर्ति को ‘कोर्ट-पुतली’ बना लिया था। मंगलवार (चार दिसंबर) को किए एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, “चौकीदार ने सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायमूर्ति को कोर्ट-पुतली बना लिया था। चौकीदार का दुर्भाग्य है कि देश में ईमानदार जजों की कमी नहीं है। जिनके लिए सत्य हमेशा सत्ता से बड़ा होता है, वे सत्ता के दंभ को सत्य पर हावी होने नहीं देते हैं। देश को ऐसे जजों पर गर्व है।”

राहुल की यह टिप्पणी उस ट्वीट पर रीट्वीट के रूप में आई, जिसमें सेवानिवृत्त जज कुरियन जोसेफ के आरोप का हवाला था। 29 नवंबर को सेवानिवृत्त हुए जोसेफ का आरोप है कि तत्कालीन न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा उस दौरान किसी बाहरी के कहे अनुसार चल रहे थे, जिसकी वजह से न्यायपालिका के काम-काज पर प्रभाव पड़ा था। बकौल कुरियन, “मैंने तीन जजों के साथ 12 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए की थी, क्योंकि मुझे लगा था कि उस दौरान कोई तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को बाहर से कोई नियंत्रित कर रहा था।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने मंगलवार को यह ट्वीट किया।

यह पूछे जाने पर कि आप ये दावे कैसे कर रहे हैं? कुरियन मीडिया से बोले थे, “तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रिमोट से चलाए जा रहे थे। वह किसी बाहरी के कहे अनुसार चल रहे थे।” हालांकि, जोसेफ ने उस बाहरी का न तो नाम बताया और न ही उन मामलों का जिक्र छेड़ा, जिनमें कथित तौर पर पक्षपात किया गया।

बता दें कि 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली को लेकर चार वरिष्ठ जजों ने संयुक्त रूप से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन जजों में जोसेफ के साथ जस्टिस जे.चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस मदन बी.लोकुर शामिल थे। सभी जजों ने तब मीडिया के समक्ष केसों के बंटवारे और काम-काज के तौर-तरीकों को लेकर सवालिया निशान लगाए थे। उन जजों में चेलमेश्वर और जोसेफ रिटायर हो चुके हैं, जबकि गोगोई मौजूदा मुख्य न्यायाधीश हैं।