RBI गवर्नर उर्जित पटेल ने दिया इस्‍तीफा, 28 साल में पहली बार हुआ ऐसा, क्या सरकार का दबाव नहीं झेल सके?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल ने आखिरकार अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया। कई वित्‍तीय मसलों पर उनका मोदी सरकार से गहरा मतभेद चल रहा था।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल ने आखिरकार अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया। कई वित्‍तीय मसलों पर उनका मोदी सरकार से गहरा मतभेद चल रहा था। जोखिम वाली संपत्ति (NPA) में लगातार वृद्धि को देखते हुए RBI सख्‍त रुख अपना लिया था। सरकारी क्षेत्र के कई बैंकों को RBI ने प्रॉम्‍प्‍ट करेक्टिव एक्‍शन (PCA) कैटेगरी में डाल दिया था। इससे संबंधित बैंकों के कर्ज देने पर कई तरह के प्रतिबंध लग गए थे। इसके अलावा NBFC को कर्ज मुहैया कराने पर भी केंद्रीय बैंक ने सख्‍त रुख अपना लिया था। कुछ सप्‍ताह पहले आरबीआई बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें तमाम मतभेदों को दूर करने का प्रयास किया गया था। हालांकि, कुछ दिनों के बाद ही बोर्ड की बैठक होने वाली है, लेकिन इससे पहले ही RBI गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्‍तीफ दे दिया।

रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया
14 दिसंबर को रिजर्व बैंक बोर्ड की बैठक के पहले उर्जित के जाने से सवाल उठे
1990 के बाद उर्जित पहले रिजर्व बैंक गवर्नर जिन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया
उर्जित पटेल का 3 साल का कार्यकाल सितंबर 2019 में पूरा होने वाला था.

कुछ महीनों से रिजर्व बैंक और सरकार के बीच बड़ा मतभेद चल रहा था
रिजर्व बैंक एक्ट के सेक्शन -7 के तहत सरकार उन पर अपनी बात मनवाने का दवाब डाल रही थी
सरकार और रिजर्व बैंक के बीच विवाद के मुद्दे
रिजर्व बैंक सरकार को स्पेशल डिविडेंड दे, रिजर्व बैंक से करीब 3 लाख करोड़ रुपए मांगने की बात सामने आई थी
NBFC और छोटी इंडस्ट्री कों आसान कर्ज देने का सरकार की तरफ दबाव
आरबीआई बोर्ड के रोल को लेकर सवाल. बोर्ड रिजर्व बैंक गवर्नर के अधिकारों में कटौती करना चाहता था
उर्जित पटेल ने इस्तीफे पर क्या कहा?
निजी कारणों से मैं अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे रहा हूं. रिजर्व बैंक में कई सालों से अलग-अलग पदों पर रहकर काम करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है. रिजर्व बैंक के कर्मचारियों, अधिकारियों और मैनेजमेंट का जो साथ मिला उसके लिए आभारी हूं. सबकी इसी कड़ी मेहनत की वजह से रिजर्व बैंक इतना काम कर पाया. मैं इस मौके पर रिजर्व बैंक बोर्ड के सभी डायरेक्टर और अपने साथियों का शुक्रिया अदा करता हूं. उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं.
नोटबंदी से करीब 2 महीने पहले अगस्त, 2016 में उर्जित पटेल को रिजर्व बैंक का गवर्नर बनाने का ऐलान किया गया था. इससे पहले वो डिप्टी गवर्नर थे. बता दें कि वो लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के छात्र रहे हैं. रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के करीबी सहयोगी भी माने जाते हैं.